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शिव भजन लिरिक्स | Shiv Bhajan Lyrics

शिव भजन लिरिक्स | Shiv Bhajan Lyrics : भगवान शिव के सभी पॉपुलर भजनो के वीडियो , लिरिक्स के साथ निचे दिए गए है। भोले की भक्ति का आनंद ले।

Shiv Bhajan Lyrics
Shiv Bhajan Lyrics

Shiv Bhajan Lyrics


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Lyrics Of Shiv Bhajan

Ashutosh Sashank Shekhar Lyrics

आशुतोष सशाँक शेखर चन्द्र मौली चिदंबरा,
कोटि कोटि प्रणाम शम्भू कोटि नमन दिगम्बरा,

निर्विकार ओमकार अविनाशी तुम्ही देवाधि देव ,
जगत सर्जक प्रलय करता शिवम सत्यम सुंदरा ,

निरंकार स्वरूप कालेश्वर महा योगीश्वरा ,
दयानिधि दानिश्वर जय जटाधार अभयंकरा,

शूल पानी त्रिशूल धारी औगड़ी बाघम्बरी ,
जय महेश त्रिलोचनाय विश्वनाथ विशम्भरा,

नाथ नागेश्वर हरो हर पाप साप अभिशाप तम,
महादेव महान भोले सदा शिव शिव संकरा,

जगत पति अनुरकती भक्ति सदैव तेरे चरण हो,
क्षमा हो अपराध सब जय जयति जगदीश्वरा,

जनम जीवन जगत का संताप ताप मिटे सभी,
ओम नमः शिवाय मन जपता रहे पञ्चाक्षरा,

आशुतोष सशाँक शेखर चन्द्र मौली चिदम्बरा,
कोटि कोटि प्रणाम संभु कोटि नमन दिगम्बरा।

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आशुतोष सशाँक शेखर लिरिक्स

Shiv Tandav Stotram Lyrics

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले
गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम् ।
डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं
चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥१॥

जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी_
विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्धनि ।
धगद्धगद्धगज्जलल्ललाटपट्टपावके
किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ॥२॥

धराधरेन्द्रनन्दिनीविलासबन्धुबन्धुर
स्फुरद्दिगन्तसन्ततिप्रमोदमानमानसे ।
कृपाकटाक्षधोरणीनिरुद्धदुर्धरापदि
क्वचिद्दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥३॥

शिव जी को करे प्रसंन्न : रोज यह सुने/पढ़े

जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्फणामणिप्रभा
कदम्बकुङ्कुमद्रवप्रलिप्तदिग्वधूमुखे ।
मदान्धसिन्धुरस्फुरत्त्वगुत्तरीयमेदुरे
मनो विनोदमद्‍भुतं बिभर्तु भूतभर्तरि ॥४॥

सहस्रलोचनप्रभृत्यशेषलेखशेखर
प्रसूनधूलिधोरणी विधूसराङ्घ्रिपीठभूः |
भुजङ्गराजमालया निबद्धजाटजूटक
श्रियै चिराय जायतां चकोरबन्धुशेखरः ||५||

ललाटचत्वरज्वलद्धनञ्जयस्फुलिङ्गभा
निपीतपञ्चसायकं नमन्निलिम्पनायकम् |
सुधामयूखलेखया विराजमानशेखरं
महाकपालिसम्पदेशिरोजटालमस्तु नः ||६||

देखे : शिव आराधना का श्रेष्ठ पाठ : शिव रूद्राष्टकम

करालभालपट्टिकाधगद्‍धगद्‍धगज्ज्वलद्_
धनञ्जयाहुतीकृतप्रचण्डपञ्चसायके ।
धराधरेन्द्रनन्दिनीकुचाग्रचित्रपत्रक
प्रकल्पनैकशिल्पिनि त्रिलोचने रतिर्मम ॥७॥

नवीनमेघमण्डली निरुद्‍धदुर्धरस्फुरत्_
कुहूनिशीथिनीतमः प्रबन्धबद्धकन्धरः ।
निलिम्पनिर्झरीधरस्तनोतु कृत्तिसिन्धुरः
कलानिधानबन्धुरः श्रियं जगद्धुरंधरः ॥८॥

प्रफुल्लनीलपङ्कजप्रपञ्चकालिमप्रभा_
वलम्बिकण्ठकन्दलीरुचिप्रबद्धकन्धरम् ।
स्मरच्छिदं पुरच्छिदं भवच्छिदं मखच्छिदं
गजच्छिदान्धकच्छिदं तमन्तकच्छिदं भजे ॥९॥

इस शिव मंत्र से शिव के पुण्य लोक को प्राप्त करे

अखर्वसर्वमङ्गलाकलाकदम्बमञ्जरी_
रसप्रवाहमाधुरीविजृम्भणामधुव्रतम् ।
स्मरान्तकं पुरान्तकं भवान्तकं मखान्तकं
गजान्तकान्धकान्तकं तमन्तकान्तकं भजे ॥१०॥

जयत्वदभ्रविभ्रमभ्रमद्‍भुजङ्गमश्वसद्_
विनिर्गमत्क्रमस्फुरत्करालभालहव्यवाट् ।
धिमिद्धिमिद्धिमिध्वनन्मृदङ्गतुङ्गमङ्गल_
ध्वनिक्रमप्रवर्तितप्रचण्डताण्डवः शिवः ॥११॥

स्पृषद्विचित्रतल्पयोर्भुजङ्गमौक्तिकस्रजोर्_
गरिष्ठरत्नलोष्ठयोः सुहृद्विपक्षपक्षयोः ।
तृणारविन्दचक्षुषोः प्रजामहीमहेन्द्रयोः
समप्रवृत्तिकः कदा सदाशिवं भजाम्यहम् ॥१२॥

कदा निलिम्पनिर्झरीनिकुञ्जकोटरे वसन्
विमुक्तदुर्मतिः सदा शिरस्थमञ्जलिं वहन् ।
विमुक्तलोललोचनो ललामभाललग्नकः
शिवेति मन्त्रमुच्चरन्कदा सुखी भवाम्यहम् ॥१३॥

शिव जी का सबसे पॉपुलर भजन देखे

इदम् हि नित्यमेवमुक्तमुत्तमोत्तमं स्तवं
पठन्स्मरन्ब्रुवन्नरो विशुद्धिमेतिसंततम् ।
हरे गुरौ सुभक्तिमाशु याति नान्यथा गतिं
विमोहनं हि देहिनां सुशङ्करस्य चिन्तनम् ॥१४॥

पूजावसानसमये दशवक्त्रगीतं यः
शम्भुपूजनपरं पठति प्रदोषे ।
तस्य स्थिरां रथगजेन्द्रतुरङ्गयुक्तां
लक्ष्मीं सदैव सुमुखीं प्रददाति शम्भुः ॥१५॥

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शिव ताण्डव स्तोत्र लिरिक्स

Shiv Shankar Damru Wale Lyrics

है धन्य तेरी माया जग में,
ओ दुनिया के रखवाले,
शिव शंकर डमरू वाले।

नमामि शंकर, नमामि हर हर,
नमामि देवा महेश्वरा।
नमामि पारब्रह्म परमेश्वर,
नमामि भोले दिगम्बर॥

है धन्य तेरी माया जग में,
ओ दुनिए के रखवाले।
शिव शंकर डमरू वाले,
शिव शंकर भोले भाले॥

शिव जी को करे प्रसंन्न : रोज यह सुने/पढ़े

जो ध्यान तेरा धर ले मन में,
वो जग से मुक्ति पाए।
भव सागर से उसकी नैया,
तू पल में पार लगाए।

संकट में भक्तो को बढ कर
तू भोले आप संभाले॥

शिव शंकर डमरू वाले,
शिव शंकर भोले भाले।

देखे : शिव आराधना का श्रेष्ठ पाठ : शिव रूद्राष्टकम

है कोई नहीं इस दुनिया में
तेरे जैसा वरदानी।
नित्त सुमरिन करते नाम तेरा
सब संत ऋषि और ग्यानी।

ना जाने किस पर खुश हो कर
तू क्या से क्या दे डाले॥

शिव शंकर डमरू वाले,
शिव शंकर भोले भाले।

इस शिव मंत्र से शिव के पुण्य लोक को प्राप्त करे

त्रिलोक के स्वामी हो कर भी
क्या औघड़ रूप बनाए।
कर में डमरू त्रिशूल लिए
और नाग गले लिपटाये।

तुम त्याग के अमृत, पीते हो
नित् प्रेम से विष के प्याले॥

शिव शंकर डमरू वाले,
शिव शंकर भोले भाले।

शिव जी का सबसे पॉपुलर भजन देखे

तप खंडित करने काम देव
जब इन्द्र लोक से आया।
और साध के अपना काम बाण
तुम पर वो मूरख चलाया।

तब खोल तीसरा नयन
भसम उसको पल में कर डाले॥

शिव शंकर डमरू वाले,
शिव शंकर भोले भाले।

शिव पार्वती विवाह : शिवरात्रि के भजन

जब चली कालिका क्रोधित हो
खप्पर और खडग उठाए।
तब हाहाकार मचा जग में
सब सुर और नर घबराए।

तुम बीच डगर में सो कर
शक्ति देवी की हर डाले॥

शिव शंकर डमरू वाले,
शिव शंकर भोले भाले।

शिव ताण्डव स्तोत्र

अब दृष्टि दया की भक्तो पर
हे डमरू-धर कर देना।
भक्तों की झोली
गौरी शंकर भर देना।

अपना ही सेवक जान
हमे भी चरणों में अपनाले।

शिव शंकर डमरू वाले,
शिव शंकर भोले भाले।

सुने : लागी मेरी तेरे संग लगी मेरे शंकरा लिरिक्स

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Subah Subah Le Shiv Ka Naam Lyrics
Shiva Bhajan Lyrics

सुबह सुबह ले शिव का नाम,
कर ले बन्दे यह शुभ काम ।
सुबह सुबह ले शिव का नाम,
शिव आयेंगे तेरे काम ॥
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय…

खुद को राख लपेटे फिरते,
औरों को देते धन धाम ।
देवो के हित विष पी डाला,
नीलकंठ को कोटि प्रणाम ॥
॥ सुबह सुबह ले शिव…॥

शिव के चरणों में मिलते है,
सारी तीरथ चारो धाम ।
करनी का सुख तेरे हाथों,
शिव के हाथों में परिणाम ॥
॥ सुबह सुबह ले शिव…॥

शिव के रहते कैसी चिंता,
साथ रहे प्रभु आठों याम ।
शिव को भजले सुख पायेगा,
मन को आएगा आराम ॥
॥ सुबह सुबह ले शिव…॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम,
कर ले बन्दे यह शुभ काम ।
सुबह सुबह ले शिव का नाम,
शिव आयेंगे तेरे काम ॥

सुबह सुबह ले शिव का नाम लिरिक्स

Shri Shiv Stuti Lyrics | Shiva Bhajan Lyrics

कैलासराणा शिवचंद्रमौळी ।
फणींद्र माथां मुकुटी झळाळी ।
कारुण्यसिंधू भवदुःखहारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ १ ॥

रवींदु दावानल पूर्ण भाळी ।
स्वतेज नेत्रीं तिमिरौघ जाळी ।
ब्रह्मांडधीशा मदनांतकारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ २ ॥

जटा विभूति उटि चंदनाची ।
कपालमाला प्रित गौतमीची ।
पंचानना विश्वनिवांतकारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ ३ ॥

शिव रूद्राष्टकम : नमामीशमीशान निर्वाण रूपं लिरिक्स

वैराग्ययोगी शिव शूलपाणी ।
सदा समाधी निजबोधवाणी ।
उमानिवासा त्रिपुरांतकारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ ४ ॥

उदार मेरु पति शैलजेचा ।
श्रीविश्र्वनाथ म्हणती सुरांचा ।
दयानिधीचा गजचर्मधारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ ५ ॥

ब्रह्मादि वंदी अमरादिनाथ ।
भुजंगमाला धरि सोमकांत ।
गंगा शिरीं दोष महा विदारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ ६ ॥

कर्पूरगौरी गिरिजा विराजे ।
हळाहळें कंठ निळाचि साजे ।
दारिद्र्यदुःखे स्मरणें निवारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ ७ ॥

स्मशानक्रीडा करितां सुखावे ।
तो देव चूडामणि कोण आहे ।
उदासमूर्ती जटाभस्मधारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ ८ ॥

भूतादिनाथ अरि अंतकाचा ।
तो स्वामी माझा ध्वज शांभवाचा ।
राजा महेश बहुबाहुधारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ ९ ॥

नंदी हराचा हर नंदिकेश ।
श्रीविश्वनाथ म्हणती सुरेश ।
सदाशिव व्यापक तापहारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ १० ॥

भयानक भीम विक्राळ नग्न ।
लीलाविनोदें करि काम भग्न ।
तो रुद्र विश्वंभर दक्ष मारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ ११ ॥

इच्छा हराची जग हे विशाळ ।
पाळी रची तो करि ब्रह्मगोळ ।
उमापति भैरव विघ्नहारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ १२ ॥

भागीरथीतीर सदा पवित्र ।
जेथें असे तारक ब्रह्ममंत्र ।
विश्वेश विश्वंभर त्रिनेत्रधारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ १३ ॥

प्रयाग वेणी सकळा हराच्या ।
पादारविंदी वाहाती हरीच्या ।
मंदाकिनी मंगल मोक्षकारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ १४ ॥

कीर्ती हराची स्तुति बोलवेना ।
कैवल्यदाता मनुजा कळेना ।
एकाग्रनाथ विष अंगिकारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ १५ ॥

सर्वांतरी व्यापक जो नियंता ।
तो प्राणलिंगाजवळी महंता ।
अंकी उमा ते गिरिरुपधारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ १६ ॥

सदा तपस्वी असे कामधेनू ।
सदा सतेज शशिकोटिभानू ।
गौरीपती जो सदा भस्मधारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ १७ ॥

कर्पूरगौर स्मरल्या विसांवा ।
चिंता हरी जो भजकां सदैवा ।
अंती स्वहीत सुवना विचारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ १८ ॥

विरामकाळीं विकळ शरीर ।
उदास चित्तीं न धरीच धीर ।
चिंतामणी चिंतनें चित्तहारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ १९ ॥

सुखावसाने सकळ सुखाची ।
दुःखावसाने टळती जगाचीं ।
देहावसाने धरणी थरारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ २० ॥

अनुहात शब्द गगनी न माय ।
त्याने निनादें भव शून्य होय ।
कथा निजांगे करुणा कुमारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ २१ ॥

शांति स्वलीला वदनीं विलासे ।
ब्रह्मांडगोळी असुनी न दिसे ।
भिल्ली भवानी शिव ब्रह्मचारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ २२ ॥

पीतांबरे मंडित नाभि ज्याची ।
शोभा जडीत वरि किंकिणीची ।
श्रीदेवदत्त दुरितांतकारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ २३ ॥

जिवाशिवांची जडली समाधी ।
विटला प्रपंची तुटली उपाधी ।
शुद्धस्वरें गर्जति वेद चारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ २४ ॥

निधानकुंभ भरला अभंग ।
पाहा निजांगें शिव ज्योतिर्लिंग ।
गंभीर धीर सुर चक्रधारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ २५ ॥

मंदार बिल्वें बकुलें सुवासी ।
माला पवित्र वहा शंकरासी ।
काशीपुरी भैरव विश्व तारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ २६ ॥

जाई जुई चंपक पुष्पजाती ।
शोभे गळां मालतिमाळ हातीं ।
प्रताप सूर्यशरचापधारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ २७ ॥

अलक्ष्यमुद्रा श्रवणीं प्रकाशे ।
संपूर्ण शोभा वदनीं विकसे ।
नेई सुपंथे भवपैलतीरीं ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ २८ ॥

शिव स्तुति लिरिक्स + वीडियो + पीडीएफ

नागेशनामा सकळा जिव्हाळा ।
मना जपें रे शिवमंत्रमाळा ।
पंचाक्षरी घ्यान गुहाविहारीं ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ २९ ॥

एकांति ये रे गुरुराज स्वामीं ।
चैतन्यरुपीं शिवसौख्य नामीं ।
शिणलों दयाळा बहुसाल भारी ।
तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ ३० ॥

शास्त्राभ्यास नको श्रुति पढुं नको तीर्थासि जाऊं नको ।
योगाभ्यास नको व्रतें मख नको तीव्रें तपें तीं नको ।
काळाचे भय मानसीं धरुं नको दुष्टांस शंकूं नको ।
ज्याचीया स्मरणें पतीत तरती तो शंभु सोडू नको ॥ ३१ ॥

Shiva Bhajan Lyrics

Shiva Bhajan Lyrics

श्री शिव स्तुति लिरिक्स

Laagi Meri Tere Sang Lagi Mere Shankara Lyrics

ओ बाबा तेरी क्या ही बात है,
भोले शंकरा तेरी क्या ही बात है ।
दूर होके भी तू साथ है,
ओ दूर होके भी तू साथ है ।।

खुद को मैं करदूंगा तुझको समर्पण,
मैं तेरा आंसू हूँ तू मेरा दर्पण ।
तेरे ही होने से मेरी ये सारी जिंदगी सधी है ।।

लागी मेरी तेरे संग लगी मेरे शंकरा ।
लागी मेरी तेरे संग लगी मेरे शंकरा ।।

शिव जी को करे प्रसंन्न : रोज यह सुने/पढ़े

लागी मेरी प्रीत तेरे संग मेरे शंकरा ।
लागी मेरी प्रीत तेरे संग मेरे शंकरा ।।

तू पिता है मेरा और तुहि रहेगा,
मेरी हर गलती को तू हंस के सहेगा ।
तेरे ताप से मन का उड़ गया है पंछी,
सब तेरी बदौलत है आज ये रघुवंशी ।।

तुहि सूक्ष्म है और तुहि विशाल है,
तू ही उत्तर है और तुहि सवाल है ।
तुहि सत्य है बाकी जिंदगी विनाश की है ।।

लागी मेरी तेरे संग लगी मेरे शंकरा ।
लागी मेरी तेरे संग लगी मेरे शंकरा ।।

शिव जी का सबसे पॉपुलर भजन देखे

लागी मेरी प्रीत तेरे संग मेरे शंकरा ।
लागी मेरी प्रीत तेरे संग मेरे शंकरा ।।

ध्यान में है मगन तन पे ओढ़ के रे चोली,
मुझे अपने रंग में रंगले संग खेल मेरे होली ।
ना आसान है निचे ना है कोई खटोली,
मुझे अपने रंग में रंग दे संग खेल मेरे होली ।।

बस भी करो मेरे शंकरा,
भांग रगड़ के बोली ये गोरा ।
तुम नहीं राजी है गोरा लोट के राजी है ।।

लागी मेरी तेरे संग लगी मेरे शंकरा ।
लागी मेरी तेरे संग लगी मेरे शंकरा ।।

देखे : शिव आराधना का श्रेष्ठ पाठ : शिव रूद्राष्टकम

लागी मेरी प्रीत तेरे संग मेरे शंकरा ।
लागी मेरी प्रीत तेरे संग मेरे शंकरा ।।

Lyrics Of Shiv Bhajan

Lyrics Of Shiv Bhajan

लागी मेरी तेरे संग लगी मेरे शंकरा

Namami Shamishan Nirvan Roopam Lyrics

नमामीशमीशान निर्वाण रूपं,
विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदः स्वरूपम्‌ ।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं,
चिदाकाश माकाशवासं भजेऽहम्‌ ।।

निराकार मोंकार मूलं तुरीयं,
गिराज्ञान गोतीतमीशं गिरीशम्‌ ।
करालं महाकाल कालं कृपालुं,
गुणागार संसार पारं नतोऽहम्‌ ।।

तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं,
मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरम्‌ ।
स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारू गंगा,
लसद्भाल बालेन्दु कण्ठे भुजंगा ।।

चलत्कुण्डलं शुभ्र नेत्रं विशालं,
प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्‌ ।
मृगाधीश चर्माम्बरं मुण्डमालं,
प्रिय शंकरं सर्वनाथं भजामि ।।

प्रचण्डं प्रकष्टं प्रगल्भं परेशं,
अखण्डं अजं भानु कोटि प्रकाशम्‌ ।
त्रयशूल निर्मूलनं शूल पाणिं,
भजेऽहं भवानीपतिं भाव गम्यम्‌ ।।

कलातीत कल्याण कल्पान्तकारी,
सदा सच्चिनान्द दाता पुरारी ।
चिदानन्द सन्दोह मोहापहारी,
प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी ।।

न यावद् उमानाथ पादारविन्दं,
भजन्तीह लोके परे वा नराणाम्‌ ।
न तावद् सुखं शांति सन्ताप नाशं,
प्रसीद प्रभो सर्वं भूताधि वासं ।।

न जानामि योगं जपं नैव पूजा,
न तोऽहम्‌ सदा सर्वदा शम्भू तुभ्यम्‌ ।
जरा जन्म दुःखौघ तातप्यमानं,
प्रभोपाहि आपन्नामामीश शम्भो ।।

रूद्राष्टकं इदं प्रोक्तं विप्रेण हर्षोतये
ये पठन्ति नरा भक्तयां तेषां शंभो प्रसीदति ।।

।। इति श्रीगोस्वामितुलसीदासकृतं श्रीरुद्राष्टकं सम्पूर्णम् ।।

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Lyrics Of Shiv Bhajan In Hindi

शिव रूद्राष्टकम

Namo Namo Ji Shankara Lyrics

जय हो जय हो शंकरा,
भोलेनाथ शंकरा ।
आदि देव शंकरा,
हे शिवाय शंकरा ।।

तेरे जाप के बिना,
भोलेनाथ शंकरा ।
चले ये साँस किस तरह,
हे शिवाय शंकरा ।।

मेरा कर्म तू ही जाने,
क्या बुरा है क्या भला ।
तेरे रास्ते पे मैं तो,
आँख मूँद के चला ।।

तेरे नाम की जोत ने ।
सारा हर लिया तमस मेरा ।।

नमो नमो जी शंकरा,
भोलेनाथ शंकरा ।
जय त्रिलोकनाथ शम्भू,
हे शिवाय शंकरा ।।

नमो नमो जी शंकरा,
भोलेनाथ शंकरा ।
रुद्रदेव हे महेश्वरा ।।

सृष्टि के जनम से भी,
पहले तेरा वास था ।
ये जग रहे या ना रहे,
रहेगी तेरी आस्था ।।

क्या समय क्या प्रलय,
दोनों में तेरी महानता ।
महानता महानता ।।

सीपियों की ओट में,
भोलेनाथ शंकरा ।
मोतियाँ हो जिस तरह,
हे शिवाय शंकरा ।।

मेरे मन में शंकरा,
भोलेनाथ शंकरा ।
तू बसा है उस तरह,
हे शिवाय शंकरा ।।

मुझे भरम था जो है मेरा,
था कभी नहीं मेरा ।
अर्थ क्या निरर्थ क्या,
जो भी है सभी तेरा ।।

तेरे सामने है झुका ।
मेरे सर पे हाथ रख तेरा ।।

नमो नमो जी शंकरा,
भोलेनाथ शंकरा ।
जय त्रिलोकनाथ शम्भू,
हे शिवाय शंकरा ।।

नमो नमो जी शंकरा,
भोलेनाथ शंकरा ।
रुद्रदेव हे महेश्वरा ।।

चन्द्रमा ललाट पे,
भस्म है भुजाओं में ।
वस्त्र बाघ छाल का,
है खड़ाऊ पाँव में ।।

प्यास क्या और तुझे,
गंगा है तेरी जटाओं में ।
जटाओं में, जटाओं में ।।

दूसरों के वास्ते,
भोलेनाथ शंकरा ।
तू सदैव ही जिया,
हे शिवाय शंकरा ।।

माँगा कुछ कभी नहीं,
भोलेनाथ शंकरा ।
तूने सिर्फ है दिया,
हे शिवाय शंकरा ।।

समुद्र मंथन का,
था समय जो आ पड़ा ।
द्वंद दोनों लोक में,
विशामृत पे था छिड़ा ।।

अमृत सभी में बाँट के ।
प्याला विष का तूने खुद पिया ।।

नमो नमो जी शंकरा,
भोलेनाथ शंकरा ।
जय त्रिलोकनाथ शम्भू,
हे शिवाय शंकरा ।।

नमो नमो जी शंकरा,
भोलेनाथ शंकरा ।
रुद्रदेव हे महेश्वरा ।।

नमो नमो जी शंकरा,
भोलेनाथ शंकरा ।
जय त्रिलोकनाथ शम्भू
हे शिवाय शंकरा ।।

नमो नमो जी शंकरा ।
भोलेनाथ शंकरा ।।

रुद्रदेव हे महेश्वरा
रुद्रदेव हे महेश्वरा ।
रुद्रदेव हे महेश्वरा ।।

Lyrics Of Shiv Bhajan In Hindi

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नमो नमो जी शंकरा लिरिक्स

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