नवरात्री का पहला दिन | Navratri 1st Day

शारदीय नवरात्रि 2022, 26th September, सोमवार से शुरू हो रहे है। दुर्गा मां का ये पवित्र पर्व 11 अप्रैल , सोमवार को महानवमी को समाप्त होगा।

शारदीय नवरात्रि 2022 (Shardiya Navratri 1st Day) मां शैलपुत्री के पूजन के साथ होती है। इससे पूर्व विधि विधान के साथ कलश स्थापना की जाएगी। नवरात्रि में कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है।


कलश स्थापना (घटस्थापना) का शुभ मुहूर्त

घटस्थापना 26 सितम्बर 2022 को सोमवार के दिन होगी। घटस्थापना का मुहूर्त सुबह 06.17 AM से 07.55 AM के बिच सूर्योदय से द्विस्वभाव मीन लग्न तक।

घटस्थापना का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:54 AM से 12:42 PM तक अभिजीत के चौघड़िए के पूर्वार्ध में भी घटस्थापना का श्रेष्ठ मुहूर्त है।


Navratri 2022 Kalash Sthapana Samagri

कलश स्थापना के लिए आवश्यक सामिग्री को पहले से ही एकत्र कर लें। ताकि आप मुहूर्त के समय पर ही कलश स्थापना कर सके।

  1. इसके लिए आपको 7 तरह के अनाज,
  2. चौड़े मुंह वाला मिट्टी का एक बर्तन,
  3. पवित्र स्थान से लायी गयी मिट्टी,
  4. कलश, गंगाजल,
  5. आम या अशोक के पत्ते,
  6. सुपारी, जटा वाला नारियल, लाल सूत्र,
  7. मौली, इलाइची, लौंग, कपूर, रोली,
  8. अक्षत, लाल वस्त्र और पुष्प की जरूरत पड़ती है।
https://youtube.com/watch?v=JbQuKF7D1Ow

भोग | Navratri 1st Day Bhog

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां दुर्गा के शैलपुत्री रूप को गाय के घी और दूध से बनी चीजों का भोग लगाया जाता है।


मंत्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे ॐ शैलपुत्री देव्यै नम:।
मंत्र के साथ ही हाथ के पुष्प मनोकामना गुटिका एवं मां के तस्वीर के ऊपर छोड़ दें। इसके बाद प्रसाद अर्पित करें तथा मां शैलपुत्री के मंत्र का जाप करें। इस मंत्र का जप कम से कम 108 करें।


Shailputri Mata Aarti Lyrics

जय शैलपुत्री माता
मैया जय शैलपुत्री माता ।
रूप अलौकिक पावन
शुभ फल की दाता ।।

जय शैलपुत्री माता ।।

हाथ त्रिशूल कमल तल
मैया के साजे ।
शीश मुकुट शोभामयी
मैया के साजे ।।

जय शैलपुत्री माता ।।

नवरात्री स्पेशल माता रानी के भजन लिरिक्स

दक्षराज की कन्या
शिव अर्धांगिनी तुम ।
तुम ही हो सती माता
पाप विनाशिनी तुम ।।

जय शैलपुत्री माता ।।

वृषभ सवारी माँ की
सुन्दर अति पावन ।
सौभाग्यशाली बनता
जो करले दर्शन ।।

जय शैलपुत्री माता ।।

आदि अनादि अनामय
तुम माँ अविनाशी ।
अटल अनत अगोचर
अतुल आनंद राशि ।।

जय शैलपुत्री माता ।।

नौ दुर्गाओं में मैया
प्रथम तेरा स्थान ।
रिद्धि सिद्धि पा जाता
जो धरता तेरा ध्यान ।।

जय शैलपुत्री माता ।।

प्रथम नवरात्रे जो माँ
व्रत तेरा धरे ।
करदे कृपा उस जन पे
तू मैया तारे ।।

जय शैलपुत्री माता ।।

मूलाधार निवासिनी
हमपे कृपा करना ।
लाल तुम्हारे ही हम
द्रष्टि दया रखना ।।

जय शैलपुत्री माता ।।

करुणामयी जगजननी
दया नज़र कीजे ।
शिवसती शैलपुत्री माँ
चरण शरण लिजे ।।

जय शैलपुत्री माता ।।

अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती लिरिक्स

जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी लिरिक्स

Shailputri Mata Aarti Lyrics

Leave a Comment