सत्संग भजन लिरिक्स इन हिंदी | Satsang Bhajan Lyrics in Hindi

भजन “सत्संग भजन लिरिक्स इन हिंदी | Satsang Bhajan Lyrics in Hindi

Satsang Bhajan Lyrics in Hindi

सत्संग भजन लिरिक्स इन हिंदी
Satsang Bhajan Lyrics in Hindi

1. तेरे द्वार खड़ा भगवान लिरिक्स

तेरे द्वार खड़ा भगवान हो,
तेरें द्वार खड़ा भगवान,
भगत भर दे रे झोली।।

तेरा होगा बड़ा एहसान, 
कि जुग जुग तेरी रहेगी शान, 
भगत भर दे रे झोली, 
तेरें द्वारे खड़ा भगवान, 
भगत भर दे रे झोली, 
ओ भगत भर दे रे झोली।।

जानिए भीमकुंड के रहस्य की कहानी , जिसे वैज्ञानिक भी नहीं सुलझा पाये
 
डोल उठी है सारी धरती देख रे,
डोला गगन है सारा,
भीख मांगने आया तेरे घर,
जगत का पालनहारा रे,
जगत का पालनहारा,
मै आज तेरा मेहमान,
कर ले रे मुझसे ज़रा पहचान
भगत भर दे रे झोली, 
तेरे द्वारे खड़ा भगवान, 
भगत भर दे रे झोली, 
ओ भगत भर दे रे झोली।।

आज लुटा दे रे सर्वस्व अपना,
मान ले कहना मेरा,
मिट जायेगा पल मे तेरा,
जनम-जनम का फेरा रे,
जनम-जनम का फेरा,
तू छोड़ सकल अभिमान,
अमर कर ले रे तू अपना दान,
भगत भर दे रे झोली,
तेरे द्वार खड़ा भगवान,
भगत भर दे रे झोली।।

तेरें द्वार खड़ा भगवान हो,
तेरे द्वारे खड़ा भगवान,
भगत भर दे रे झोली।।

2. गोपाल मुरलिया वाले विनोद अग्रवाल

गोपाल मुरलिया वाले,
नंदलाल मुरलिया वाले,
गोपाल मुरलीया वाले,
नंदलाल मुरलिया वाले,
श्री राधा जीवन नीलमणि,
गोपाल मुरलिया वाले,
गोपाल मुरलीया वाले,
नंदलाल मुरलिया वाले,
श्री राधा जीवन नीलमणि,
गोपाल मुरलिया वाले।।

वृन्दावन में रोज रात आते है श्री कृष्ण | मिले सबूत

जिन्हे देखने के लिए हम, जिए जा रहे है,
वे परदे पे पर्दा, किए जा रहे है,
मैं मर तो लिया होता, कबका मुरारी,
तेरे वादे सहारा, किए जा रहे है,
उठा लोगे पर्दा, कभी रहम खाकर,
इसी आस पर, हम जिए जा रहे,
मेरी ज़िंदगानी, अमानत है तेरी,
तेरे नाम अर्पण, किए जा रहे है,
कन्हैया मेरा दिल, हिफाजत से रखना,
तुम्हे अपना समझकर, दिए जा रहे है,
गोपाल मुरलीया वाले,
नंदलाल मुरलिया वाले,
श्री राधा जीवन नीलमणि,
गोपाल मुरलिया वाले।।

गोपाल मुरलीया वाले,
नंदलाल मुरलिया वाले,
गोपाल मुरलिया वाले,
नंदलाल मुरलिया वाले,
श्री राधा जीवन नीलमणि,
गोपाल मुरलीया वाले,
गोपाल मुरलीया वाले,
नंदलाल मुरलिया वाले,
श्री राधा जीवन नीलमणि,
गोपाल मुरलिया वाले।।

3. मेरा दिल तुझपे कुर्बा मुरलिया वाले रे लिरिक्स 

मेरा दिल तुझपे कुर्बा,
मुरलिया वाले रे,
अब तो हो जा मेहरबा,
मुरलिया वाले रे,
मुरलिया वाले रे,
साँवरिया प्यारे रे,
मेरा दिल तुझपे कुर्बा,
मुरलिया वाले रे।।

मैं तो दीवाना तेरा प्यार चाहूँ,
बस एक झलक दीदार चाहूँ,
मुरलिया वाले रे,
साँवरिया प्यारे रे,
मेरे दिल की तू दुनिया,
मुरलिया वाले रे,
मेरा दिल तुझपे कुर्बा,
मुरलिया वाले रे।।

क्या देख ली मेने तस्वीर तेरी,
तब से बदल गयी है तक़दीर मेरी,
मुरलिया वाले रे,
साँवरिया प्यारे रे,
मेरा दिल हो बागबा,
मुरलिया वाले रे,
मेरा दिल तुझपे कुर्बां,
मुरलिया वाले रे।।

आपके बिन मै रह नहीं सकता,
दर्द जुदाई का सह नहीं सकता,
मुरलिया वाले रे,
साँवरिया प्यारे रे,
तेरे बिन दिल है वीरान,
मुरलिया वाले रे,
मेरा दिल तुझपे कुर्बां,
मुरलिया वाले रे।।

चाहे मुझे कुछ भी कहे ये जमाना,
पागल हुआ एक तेरा दीवाना,
मुरलिया वाले रे,
साँवरिया प्यारे रे,
अब तो तू ही मेरी जान,
मुरलिया वाले रे,
मेरा दिल तुझपे कुर्बां,
मुरलिया वाले रे।।

मेरा दिल तुझपे कुर्बा,
मुरलिया वाले रे,
अब तो हो जा मेहरबा,
मुरलिया वाले रे,
मुरलिया वाले रे,
साँवरिया प्यारे रे,
मेरा दिल तुझपे कुर्बां,
मुरलिया वाले रे।।

Mera Dil Tujhpe Kurbaan Muraliya Wale Re Lyrics

4. भजन कर मस्त जवानी में भजन लिरिक्स

भजन कर मस्त जवानी में,
भुडापा किसने देखा है,

कान से बेहरे हो जाउगे,
भजन तुम सुन नही पाउओगे,
भजन सुन मस्त जवानी में,
भुडापा किसने देखा है,
भजन कर मस्त जवानी में,

आंख से अंधे हो जाओ गे,
दर्श कर मस्त जवानी में,
भुडापा किसने देखा है,

रूह से भूखे हो जाओगे,
भजन तुम गा नही पाओगे,
भजन कर मस्त जवानी में,
भुडापा किसने देखा है

हाथ से लूले हो जायेगे,
माला तुम कर नही पाओगे,
दान कर मस्त जवानी में
भुडापा किसने देखा है,
भजन कर मस्त जवानी में।

5. बांके बिहारी तुझे देख के मेरे नैना उलझ गये लिरिक्स

बांके बिहारी तुझे देख के मेरे नैना उलझ गये
नैना उलझ गये मुश्किल में पड़ गये
बांके बिहारी तुझे देख के मेरे नैना उलझ गये

जब मैं जाऊ पनिया भरन को
सखिया के संग तुझे देख के मेरे नैना उलझ गये
बांके बिहारी…

जब मैं जाऊ यमुना नहाने
चीर चुराते तुझे देख के मेरे नैना उलझ गये
बांके बिहारी…

जब मैं जाऊ दहिया बेचन को
माखन चुराते तुझे देख के मेरे नैना उलझ गये
बांके बिहारी…

जब मैं पूजा करन को
राधा के संग तुझे देख के मेरे नैना उलझ गये
बांके बिहारी…

6. हरि नाम के रस को पी पी कर आनंद में जीना सिख लिया लिरिक्स

हरि नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
प्रभु प्रेम प्याला सत्संग में,
जाकर के पीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया।।

हरी नाम की मस्ती अनोखी है,
पी करके हमने देखी हैं,
सब चिंताओं को छोड़ के अब,
मस्ती में रहना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया।।

पीकर के आनंद आता है,
यह झूठा जग नहीं भाता है,
तुम भी थोड़ी सी पिया करो,
यह सब से कहना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया।।

हरि नाम में चूर जो रहते हैं,
माया से दूर वो रहते हैं,
हरी याद रहे हर पल हमको,
प्रभु नाम को जपना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया।।

कहना यह ‘चित्र विचित्र’ का है,
मुश्किल से मिलता मौका है,
हरि नाम के पागल बन जाओ,
सब को समझाना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया।।

हरि नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
प्रभु प्रेम प्याला सत्संग में,
जाकर के पीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया।।

7. वृन्दावन जाने वालो भजन लिरिक्स

वृन्दावन जाने वालो वृन्दावन जाने वालो
बांके बिहारी के नाम मेरा पैगाम ले जाओ
वृन्दावन जाने वालो वृन्दावन जाने वालो

पेहले मेरी तरफ से तुम चरणों में शीश झुकाना
उनके चरणों में बैठ के मेरा दरदे हाल सुनाना,
उनके सजदे में मेरा सलाम ले जाओ
वृन्दावन जाने वालो वृन्दावन जाने वालो

केहना तेरा दीवाना तुम बिन पल पल तेडप रहा है
मुश्किल हुआ है जीना उसका दर्द न जाए सहा है ,
वो अस्को की सोगात उनके नाम ले जाओ

तेरे बिन प्यारे रो रो के बीते ये जीवन सारा,
तेरे दर्शन बिन पगल का इक पल न होए गुजारा
चित्र वचित्र की कुछ तो खबर घनश्याम ले जाओ
वृन्दावन जाने वालो वृन्दावन जाने वालो

8. ओ रसना राधे राधे बोल लिरिक्स

अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
ओ रसना राधे राधे बोल

ये बोल बड़े अनमोल
ओ रसना राधे राधे बोल

राधाजी बरसाने वाली
राधाजी वृषभानु दुलारी
राधाजी बरसाने वाली
राधाजी वृषभानु दुलारी

दो अक्षर आधार जगत के
दो अक्षर आधार जगत के
ये अक्षर अनमोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल

अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल

राधाजी महारास रचावे
राधाजी नन्दलाल नचावे
राधाजी महारास रचावे
राधाजी नन्दलाल नचावे

इस छवि को भर कर नयनन में
इस छवि को भर कर नयनन में
अन्तर के पट खोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल

अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल

बिन राधा नहीं सजे बिहारी
बिन राधा नहीं मिले बनवारी
बिन राधा नहीं सजे बिहारी
बिन राधा नहीं मिले बनवारी

इनके चरण पकड़ ले नादां
इनके चरण पकड़ ले नादान
भटक न दर दर डोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल

अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल
राधे बोल, राधे बोल
राधे, राधे, राधे, राधे

ये बोल बड़े अनमोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल

9. मेरी विनती यही है राधा रानी

मेरी विनती यही है राधा रानी,
कृपा बरसाए रखना,
हे महा रानी कृपा बरसाए रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाए रखना।
हो मुझे तेरा ही सहारा महारानी,
चरणो से लिपटाये रखना,
कृपा बरसाए रखना,
हे महा रानी कृपा बरसाए रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाए रखना।

छोड़ दुनिया के झूठे नाते सारे,
किशोरी तेरे दर पे आ गया,
मैंने तुमको पुकारा बृजरानी,
की जग से बचाये रखना,
कृपा बरसाए रखना,
हे महा रानी कृपा बरसाए रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाए रखना,
श्री राधा श्री राधा श्री राधा,
श्री राधा श्री राधा श्री राधा,
श्री राधा श्री राधा श्री राधा।

इन स्वासो की माला पे में,
सदा ही तेरा नाम सिमरूँ,
लागि लगन श्री राधा नाम वाली,
लगन ये लगाये रखना,
कृपा बरसाए रखना,
हे महा रानी कृपा बरसाए रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाए रखना,
श्री राधा श्री राधा श्री राधा,
श्री राधा श्री राधा श्री राधा,
श्री राधा श्री राधा श्री राधा।

तेरे नाम के रंग में रंग के,
मैं डोलूँ बृज गलियन में,
कहें चित्र विचित्र श्यामा प्यारी,
वृंदावन बसाये रखना,
कृपा बरसाए रखना।
हे महा रानी कृपा बरसाए रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाए रखना,
श्री राधा श्री राधा श्री राधा,
श्री राधा श्री राधा श्री राधा,
श्री राधा श्री राधा श्री राधा।

मेरी विनती यही है राधा रानी,
कृपा बरसाए रखना,
हे महा रानी कृपा बरसाए रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाए रखना।
हो मुझे तेरा ही सहारा महारानी,
चरणो से लिपटाये रखना,
कृपा बरसाए रखना,
हे महा रानी कृपा बरसाए रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाए रखना।

10. मेरी बहना अब तो भजूंगी हरिनाम सत्संग भजन लिरिक्स

बालापन हँसखेल गवाँ दिया,
मेरी बहना तरुणाई भई है, वे काम, उमर सारी ढर गई।

झूट कपट में ऐसी फँस गई,
मेरी बहना लिया न मैंने हरिनाम, उमर सारी ढर गई।

मानव तन पायौ बड़े भाग्य से,
मेरी बहना भक्ति करूँगी निष्काम, उमर सारी ढर गई।

दौलत यहीं पर रह जायगी,
मेरी बहना साथ न जायेगा छदाम, उमर सारी ढर गई।

महल दुमहले यहीं रह जायेंगे,
मेरी बहना आखिर में देय संग हरिनाम, उमर सारी ढर गई।

स्वाँस स्वाँस में रटूं राम को
मेरी बहना हृदय में बसाऊँ आठौं याम, उमर सारी ढर गई।

महावीर मगन रहें सतसंग में,
मेरी बहना रहत हर्दपुर गाम, उमर सारी ढर गई।

11. बन्दे क्यों भटकत फिरता है सब कर्मों का खेल

वन्दे क्यों भटकत फिरता है सब कर्मों का खेल।
जो तोय जीवन सफल बनाना कर भक्ति से मेल।।

कर्मों से मिलता राजपाट, कर्मों से मिले सुगड़ नारी।
कर्मों से धन दौलत पावै, कर्मों से पुत्र आज्ञाकारी।।

कर्म तराजू के दो पलड़े, तोल सके तो तोल।
सिर धुन-धुन पछतायेगा, ये जीवन मिला अमोल।।

कर्म प्रधान विश्व में वन्दे और सब रहा झमेला।
बिना कर्म के तरत न देखा कोई गुरु कोई चेला।।

खोटे कर्म छोड़ दे वन्दे जो जीवन सफल बनाना।।
जग के सब जंजाल छोड़ के हो भक्ति दीवाना।।।

करुणा कर केशव को भजकर यह जीवन शुद्ध बना ले तू।
काल कुर्की होयगी ये दिल पर भाव जगा ले तू।।

शुद्ध हृदय को कर ले और बुद्धि को निर्मल कर ले।
सदगुरु के पास चला जा तू ज्ञान दीप सागर भर ले।।

अब भी चेतगुमानी क्यों रहा मद में तू इठलाई।
कर्म रेख महावीर मिटे नहीं कर लाखों चतुराई ।।

12. अपनी मुक्ति का तू तो यतन कर ले

अपनी मुक्ति का तू तो यतन कर ले।
रोज थोड़ा-थोड़ा हरि सुमिरन कर ले।।

बालापन हँस खेल गमायौ।
तरुण भयौ मस्ती में छायौ।
अब तो आदत में परिवर्तन कर ले।
रोज थोड़ा-थोड़ा हरि सुमिरन कर ले

ये काया कुछ काम न आवै।
धन दौलत तेरे साथ न जावै।।
आगे रास्ते को अपने सुगम कर ले।
रोज थोड़ा-थोड़ा हरि सुमिरन कर ले

बड़े भाग्य मानुष तन पायौ।
वादा कर तू प्रभु से आयौ।
अपने वादे पर वन्दे अमल कर ले।
रोज थोड़ा-थोड़ा हरि सुमिरन कर ले

कुटुम कबीला यहीं रह जाएगौ।
बेटा तुझको नाक नचाएगौ।।
अपनी इच्छाओं का दमन कर ले।
रोज थोड़ा-थोड़ा हरि सुमिरन कर ले

अहंकार की छोड़ डगरिया।
माया को तज दे बाबरिया।
महावीर वाणी को अमृतमय कर ले।
रोज थोड़ा-थोड़ा हरि सुमिरन कर ले

13. कर ले तू सतसंग रसपान

कर ले तू सतसंग रसपान प्रभु मेरे दौड़े आयेंगे।
भरोसा कर थोड़ा सा मन में।

प्रभु मेरे मिल जायेंगे छन में।
मन मन्दिर में भाव जगाले अपने धाम बुलायेंगे।
कर ले तू सतसंग रसपान

मोह से दृष्टि हटा ले तू
भावना शुद्ध बना ले तू।
कर ले तू भक्ति रस पान फिर तोय गले लगायेंगे।
कर ले तू सतसंग रसपान

व्यसनों की छोड़ डगरिया।
हरि को भज ले तू बाबरिया।।
बीच भँवर में डूबी नाव तेरी पार लगायेंगे।
कर ले तू सतसंग रसपान

माया साथ न देय निगोड़ी।
भज ले हरी समय रही थोड़ी।
महावीर भूल करे क्यों भारी प्रभु तुझको अपनायेंगे।
कर ले तू सतसंग रसपान

14. ऐरे सतसंग चर्चा से है जाइगो बेढ़ापार

ऐरे सतसंग चर्चा से है जाइगो बेढ़ापार,
तू काहे मन भटकाय रहा

सतसंग चर्चा सुनने से तोय लाभ मिलेगा भारी।
भक्ती रस में डूबक लेने जुड़ रहे नर और नारी।
ऐरे तेरे जीवन का हो जाएगा उद्धार
तू काहे मन भटकाय रहा

काम क्रोध का त्यागन करके ममता दूर भगाले।
अहंकार में मार पटकनी भक्ति माल कमाले।
ऐरे तेरे जीवन का यही है आधार।
तू काहे मन भटकाय रहा

करुणाकर करुणा केशव ने दे दिया मानव चोला।
राम नाम सुमिरन करने को अब तक मुँह नहीं खोला।
ऐरे तू तो भटकेगा जगत में बारम्बार।
तू काहे मन भटकाय रहा

गर्भमास में कौल किया वह तूने नहीं निभायौ।
मैं मेरी में भूल गया तूने राम नाम नहीं गायौ।
ऐरे महावीर पछतायौ तू तो बेसुम्बार।
तू काहे मन भटकाय रहा

15. सतसंग महिमा बड़ी अपार भजन

सतसंग महिमा बड़ी अपार
आज मैं सुनने जाऊँगी।

सतसंग मुक्ति देय दिलाई।
रहे ऋषिमुनी सब गाई।
सुख जायें वे सुम्बार, आज मैं सुनने जाऊँगी।।

सत नाम एक ईश्वर को।
बेडा पार होय जा नर कौ।।
यही है जीवन का आधार, आज मैं सुनने जाऊँगी।।

रहे भक्त सभी ये गाई।
सतसंग से मानव तर जाई।
जाकौ है जाय बेड़ापार, आज मैं सुनने जाऊँगी।।

तर जाओगे चिन्तन से।
अहंकार भगाओ मन से।
महावीर कर रहे काहे अवार, आज मैं सुनने जाऊँगी।।

मोय सतसंग सुनने का चाब भजन लिरिक्स
मोय सतसंग सुनने का चाब,
संग में ले चल साँवरिया।

16. सतसंग की बगिया में जरूर जाऊंगी

सतसंग की बगिया में जरूर जाऊंगी।
ले चलियो मोको साथ में मैं दौड़ी जाऊंगी।।

सभी जगह सतसंग है रहे, मोपै रहयौ न जाए।
भक्ती रस में डुबकी लैवे, मेरौ मन ललचाय।
संत समागम की वाणी में सुन के आऊंगी।
ले चलियो मोको साथ में मैं दौड़ी जाऊंगी

तुलसी बाबा ने सतसंग की महिमा कही अपार।
हृदय लेत हिलोरें मेरौ, हो जाएगा उद्धार।
वेद शास्त्रों के आचरणों को अपनाऊंगी।
ले चलियो मोको साथ में मैं दौड़ी जाऊंगी

राम नाम की चर्चा में, नहीं कछु गाँठ को जाए।
बने भविष्य हमारा संग में, जनम सफल हो जाए।
महावीर मैं मन की बतियाँ कर के आऊंगी।
ले चलियो मोको साथ में मैं दौड़ी जाऊंगी

17. Aa Laut Ke Aaja Hanuman Tumhe shree Ram Bulate Hain

आ लौट के आजा हनुमान, तुम्हे श्री राम बुलाते हैं।
जानकी के बसे तुममे प्राण, तुम्हे श्री राम बुलाते हैं॥

लंका जला के सब को हरा के तुम्ही खबर सिया की लाये।
पर्वत उठा के संजीवन ला के तुमने लखन जी बचाए।
हे बजरंगी बलवान, तुम्हे हम याद दिलाते हैं॥

पहले था रावण एक ही धरा पे, जिसको प्रभु ने संघारा।
तुमने सवारे थे काज सारे, प्रभु को दिया था सहारा।
जग में हे वीर सुजान भी तेरे गुण गाते हैं॥

है धरम संकट में धर्म फिर से, अब खेल कलयुग ने खेले।
हैं लाखों रावण अब तो यहाँ पे, कब तक लड़े प्रभु अकेले।
जरा देख लगा के ध्यान, तुम्हे श्री राम बुलाते हैं॥

है राम जी बिन तेरे अधूरे, अनजानी माँ के प्यारे।
भक्तो के सपने करने को पूरे, आजा पवन के दुलारे।
करने जग का कल्याण, तुम्हे श्री राम बुलाते हैं॥

साखी:

“राम मिलन के कराने जो तू खड़ा उदास
साधु संगत शोध ले राम उन्ही के पास”

सत्संग अमर झड़ी रे, जो कोई आवे संत री संगत में
अरे वाने खबर पड़ी, संतो सत्संग अमर झड़ी ||टेर||

सुग्रीव ने संगत राम जी की किनी, वानर फोज बनी साधो भाई
उस वानर की कोई है शाम रित, जो रावण से आन लड़ी
सत्संग अमर झड़ी रे, जो कोई आवे संत री संगत में
अरे वाने खबर पड़ी, संतो सत्संग अमर झड़ी ||टेर||

नरसी ने संगत पीपाजी की कीड़ी, सुई पर बात अडी है
56 करोड़ को भरो मायरो, वो आयो आप हरी रे सावरो
सत्संग अमर झड़ी रे, जो कोई आवे संत री संगत में
अरे वाने खबर पड़ी, संतो सत्संग अमर झड़ी ||टेर||

प्रह्लाद ने संगत सरियादेवी की कीड़ी, नाम पर बात अडी है
खम्भ फास हरिणाकश्यप मारियो फिर मिले हरी
सत्संग अमर झड़ी रे, जो कोई आवे संत री संगत में
अरे वाने खबर पड़ी, संतो सत्संग अमर झड़ी ||टेर||

लोहा ने संगत काट की किनी, समुद्र बिच नाव तिरी रे
उंडा नीर बता दे साधू, मारा सतगुरु पार करी रे संतो
सत्संग अमर झड़ी रे, जो कोई आवे संत री संगत में
अरे वाने खबर पड़ी, संतो सत्संग अमर झड़ी ||टेर||

उच्च नीच का भेद नहीं जाने, कहत कबीर सुनो भाई साधु
थारो आवो गमन मिटे रे संतो
सत्संग अमर झड़ी रे, जो कोई आवे संत री संगत में
अरे वाने खबर पड़ी, संतो सत्संग अमर झड़ी

||संत कबीर साहेब की जय हो ||

हमें उम्मीद है की आपको यह आर्टिकल सत्संग भजन लिरिक्स इन हिंदी | Satsang Bhajan Lyrics in Hindi + Video + Audio बहुत पसंद आया होगा। आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये। आप अपनी फरमाइश भी हमे कमेंट करके बता सकते है। हम वो भजन, आरती आदि जल्द से जल्द लाने को कोशिश करेंगे।

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