Duniya Se Me Hara To Aaya Tere Dwar – दुनिया से में हारा तो आया तेरे द्वार

Song: Duniya Se Me Hara To Aaya Tere Dwar
Artist: Jagjit

Duniya Se Me Hara To Aaya Tere Dwar
दुनिया से में हारा तो आया तेरे द्वार

दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहां से गर जो हारा, कहां जाऊंगा सरकार ।

सुख में प्रभुवर तेरी याद ना आयी,
दुःख में प्रभुवर तुमसे प्रीत लगाई ।
सारा दोष हैं मेरा, मैं करता हूं स्वीकार,
यहां से गर जो हारा, कहां जाऊंगा सरकार ॥

मेरा तो क्या हैं, मैं तो पहले से हारा,
तुमसे ही पूछेगा ये संसार सारा ।
डूब क्यों नैय्या, तेरे रहते खेवनहार,
यहां से गर जो हारा, कहां जाऊंगा सरकार ॥

सबकुछ लुटा, बस लाज बची हैं,
तुमपे ही बाबा मेरी आस बंधी हैं ।
सुना हैं तुम सुनते हो, हम जैसो की पुकार,
यहां से गर जो हारा, कहां जाऊंगा सरकार ॥

जिसको बताया मैंने अपना फ़साना,
सबने बताया मुझको, तेरा ठिकाना ।
मेरी इस नैय्या के तुम ही हो खेवनहार,
मैंने तुमको माना हैं माता पिता परिवार,
यहां से गर जो हारा, कहां जाऊंगा सरकार ॥

दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहां से गर जो हारा, कहां जाऊंगा सरकार ॥

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