श्री साईं अमृतवाणी लिरिक्स | Shree Sai Amritvani Lyrics

साई बाबा का भजन “श्री साईं अमृतवाणी लिरिक्स | Shree Sai Amritvani Lyrics” अनुराधा पौडवाल जी का गाया हुआ है। साई बाबा अपने भक्तो पर हमेसा कृपा बनाये रखते है।


श्री साईं अमृतवाणी लिरिक्स

दिव्य तेज का मालिक साईं,
सकल विश्व का पालक साईं ।
सूर्योदय सी छवि निराली
सांचा आनंद देने वाली ।।

धर्मदीप धर्मात्मा साईं,
परमपुरुष परमात्मा साईं ।
सत्य साईं से सद्गुण लीजो,
विनय भाव से वंदन कीजो ।।

दास भक्ति जिन्होंने है मांगी,
भव से तर गए वो अपराधी ।
सर्वशक्तिमान है साईं,
योगी दयानिधान है साईं ।।

साईं है सबके संकट हरता,
साईं ही घर घर मंगल करता ।
साईं का सुमिरन है वो धारा,
भय से देता जो छुटकारा ।।

साईं के द्वारे जो भी आते,
सकल मनोरथ सिद्धि हो जाते ।
मंगलमूर्ति विघ्नविनाशक,
शरणागत बलहीन के रक्षक ।।

सी सुधा है मंगलदाई,
साईं से प्रीति महा सुखदाई ।
साईं आश्रय देते सबको,
सी रूप में देखो रब को ।।

साईं के द्वारे मांगो मनौती,
आये निकट ना कभी पनौती ।
वैद्यों की जब हारे दवाई,
जादू करती साईं की दुआएं ।।

साईं तेरे भंडार भरेंगे,
करुणा कर कृतार्थ करेंगे ।
जो भी अलक जगा जायेगा,
सुख समृद्धि पा जायेगा ।।

नम्रता बिन त्याग भावना,
से हो पूरी मनोकामना ।
करुण प्रार्थना कीजो मन से,
कोष भरेंगे सुख के धन से ।।

शांति प्रेम सौहार्द मिलेगा,
साईं सच्चा हमदर्द मिलेगा ।
कांटेदार चाहे हो पगडंडी,
साईं सर्वदा तुमरे संगी ।।

साईं के अद्भुत धाम पे,
धुनी रमा दिन रात ।
किसी भी पथ पर तू कभी,
खा नहीं सकता मात ।।

पंचभूत की काया साईं,
ब्रह्मज्ञान जगमाया साईं ।
महामानियों सी आभा वाला,
दिव्य अलौकिक शोभा वाला ।।

कमल के जैसा खिला मुखमंडल,
साईं पुरषोत्तम सुख की मंजिल ।
आठों सिद्धियां शरण में जिसके,
पदम निराला चरण में जिसके ।।

साईं हरी है साईं नारायण,
साईं की भक्ति एक रसायन ।
साईं है योगेश्वर बाबा,
सिद्धिनाथ सिद्धेश्वर बाबा ।।

साईं प्रेम का पावन चंदन,
जहाँ भी महके टूटे बंधन ।
साईं गंगाजल सा निर्मल,
जहाँ से लेते बल है दुर्बल ।।

साईं भजन से आत्मा जागे,
कष्ट मिटे हर संकट भागे ।
साईं चरण में झुकेगा मस्तक,
खुशियाँ देती उस घर दस्तक ।।

शुद्ध आत्मा शुद्ध विचार,
साईं की महिमा अपरम्पार ।
जगत पिता जगदीश्वर साईं,
ज्ञानकुंज ज्ञानेश्वर साईं ।।

श्वास श्वास में साईं हैं जिनके,
सिद्ध मनोरथ होते उनके ।
सी पे निर्भर होक देखो,
साईं की धुन में खोकर देखो ।।

भयनाशक आनंद मिलेगा,
जीवन का रथ सहज चलेगा ।
हर एक बाधा टल जायेगी,
रैन गमों की ढल जायेगी ।।

मोक्षदायिनी साईं की पूजा,
ऐसा दयालु और ना दूजा ।
जिस नैया का साईं खेवैया,
उस पर आंच ना आये भैया ।।

जिसका सारथी साईं जैसा,
उस रथ को फिर खटका कैसा ।
संकट में न विचलित होना,
दुःख संताप उसी में धोना ।।

साईं के चरण सरोज की,
मस्तक धर लो धुल ।
उनके अनुग्रह से बनता,
हर एक काँटा फूल ।।


Shree Sai Amritvani Lyrics

Divya Tej Ka Maalik Sai,
Sakal Vishwa Ka Paalak Sai ।
Suryoday Si Chhavi Niraali,
Saancha Anand Dene Wali ।।

Dharmdeep Dharmatma Sai,
Parampurush Parmatma Sai ।
Satya Sai Se Sadgun Leejo,
Vinay Bhaav Se Vandan Keejo ।।

Daas Bhakti Jinhone Hai Maangi,
Bhav Se Tar Gaye Wo Apraadhi ।
Sarvshaktimaan Hai Sai,
Yogi Dayanidhaan Hai Sai ।।

Sai Hain Sabke Sankar Harta,
Sai Hi Ghar Ghar Mangal Karta ।
Sai Ka Sumiran Hai Wo Dhara,
Bhay Se Deta Jo Chhutkara ।।

Sai Ke Dware Jo Bhi Aate,
Sakal Manorath Siddh Ho Jaate ।
Mangalmurti Vighnavinashak,
Sharnagat Balheen Ke Rakshak ।।

Sai Sudha Hai Mangaldaai,
Sai Se Preeti Mahaa Sukhdaai ।
Sai Aashray Dete Sabko,
Sai Roop Mein Dekho Rab Ko ।।

Sai Ke Dware Maango Manouti,
Aaye Nikat Na Kabhi Panouti ।
Vaidyon Ki Jab Haare Dawaai,
Jaadu Karti Sai Ki Duayein ।।

Sai Tere Bhandaar Bharenge,
Karuna Kar Karitaarth Karenge ।
Jo Bhi Alak Jagaa Jaayega,
Sukh Samriddhi Paa Jayega ।।

Namrata Bin Tyaag Bhawana,
Se Ho Puri Manokamna ।
Karun Prarthana Keejo Mann Se,
Kosh Bharenge Sukh Ke Dhan Se ।।

Shanti Prem Souhard Milega,
Sai Sachcha Hamdard Milega ।
Kaantedaar Chaahe Ho Pagdandi,
Sai Sarvda Tumre Sangi ।।

Sai Ke Adbhut Dhaam Pe,
Dhuni Ramaa Din Raat ।
Kisi Bhi Path Par Tu Kabhi,
Kha Nahin Sakta Maat ।।

Panchbhoot Ki Kaya Sai,
Brahmgyan Jagmaya Sai ।
Mahamaniyon Si Aabha Wala,
Divya Aloukik Shobha Wala ।।

Kamal Ke Jaisa Khila Mukhmandal,
Sai Purshottam Sukh Ki Manzil ।
Aathon Siddhiyan Sharan Mein Jiske,
Padam Nirala Charan Mein Jiske ।।

Sai Hari Hai Sai Narayan,
Sai Ki Bhakti Ek Rasayan ।
Sai Hai Yogeshwar Baba,
Siddhnath Siddheshwar Baba ।।

Sai Prem Ka Paawan Chandan,
Jahan Bhi Mehke Toote Bandhan ।
Sai Gangajal Sa Nirmal,
Jahan Se Lete Bal Hai Surbal ।।

Sai Bhajan Se Aatma Jaage,
Kasht Mite Har Sankat Bhaage ।
Sai Charan Mein Jhukega Mastak,
Khushiyan Deti Uss Ghar Dastak ।।

Shuddh Aatma Shuddh Vichaar,
Sai Ki Mahima Aparampaar ।
Jagat Pita Jagdishwar Sai,
Gyankunj Gyaneshwar Sai ।।

Shwaash Shwaash Mein Sai Hain Jinke,
Siddh Manorath Hote Unke ।
Sai Pe Nirbhar Hokar Dekho,
Sai Ki Dhun Mein Khokar Dekho ।।

Bhaynaashak Anand Milega,
Jeevan Ka Rath Sahaj Chalega ।
Har Ek Baadha Tal Jaayegi,
Rain Ghamonki Dhal Jaayegi ।।

Mokshdayini Sai Ki Pooja,
Aisa Dayalu Aur Na Duja ।
Jis Naiya Ka Sai Khaiwaiya,
Uss Par Aanch Na Aaye Bhaiya ।।

Jiska Sarthi Sai Jaisa,
Uss Rath Ko Phir Khatka Kaisa ।
Sankat Mein Na Vichlit Hona,
Dukh Santaap Usi Mein Dhona ।।

Sai Ke Charan Saroj Ki,
Mastak Dhar Lo Dhool ।
Unke Anughrah Se Banta,
Har Ek Kaanta Phool ।।


हमें उम्मीद है की साई बाबा के भक्तो को यह आर्टिकल “श्री साईं अमृतवाणी लिरिक्स | Shree Sai Amritvani Lyrics” + Video +Audio बहुत पसंद आया होगा। “Shree Sai Amritvani Lyrics” के बारे में आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये। आप अपनी फरमाइश भी हमे कमेंट करके बता सकते है। हम वो भजन, आरती आदि जल्द से जल्द लाने को कोशिश करेंगे।

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