मुक्ति का कोई तु जतन करले भजन लिरिक्स | Mukti Ka Koi Tu Jatan Karle Bhajan Lyrics

यह अद्बुध हरी भजन “मुक्ति का कोई तु जतन करले भजन लिरिक्स | Mukti Ka Koi Tu Jatan Karle Bhajan Lyrics” प्रमोद कुमार जी का गाया हुआ है। इस भजन में हरी भक्त भगवन विष्णु के एक बार दर्शन की अभिलाषा व्यक्त कर रहे है।


Mukti Ka Koi Tu Jatan Karle Bhajan Lyrics

मुक्ति का कोई तु जतन करले,
रोज थोड़ा थोड़ा हरी का भजन करले।
मुक्ति का कोई तु।।

भक्ति करेगा तो बड़ा ही सुख पाएगा,
भक्ति से आत्मा का मैल छूट जाएगा,
आत्मा के साथ साथ मन करले रे,
रोज थोड़ा थोड़ा हरी का भजन करले।
मुक्ति का कोई तु।।

संगत कर अच्छे लोगों की,
दवा मिल जाएगी सभी रोगों की,
ज़िंदगी को अपनी चमन करले रे,
रोज थोड़ा थोड़ा हरी का भजन करले।
मुक्ति का कोई तु।।

मुक्ति का कोई तु जतन करले,
रोज थोड़ा थोड़ा हरी का भजन करले।
मुक्ति का कोई तु।।

Mukti Ka Koi Tu Jatan Karle Bhajan Lyrics

हमें उम्मीद है की भगवान विष्णु के भक्तो को यह आर्टिकल “मुक्ति का कोई तु जतन करले भजन लिरिक्स | Mukti Ka Koi Tu Jatan Karle Bhajan Lyrics” + Video + Audio बहुत पसंद आया होगा। “Mukti Ka Koi Tu Jatan Karle Bhajan Lyrics” भजन के बारे में आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये। आप अपनी फरमाइश भी हमे कमेंट करके बता सकते है। हम वो भजन, आरती आदि जल्द से जल्द लाने को कोशिश करेंगे।

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