कोई लाख करे चतुरायी भजन लिरिक्स | Koi Lakh Kare Chaturai Bhajan Lyrics

पवन पुत्र हनुमान जी का अति पावन भजन “कोई लाख करे चतुरायी भजन लिरिक्स | Koi Lakh Kare Chaturai Bhajan Lyrics” – हेमंत चौहान जी के द्वारा गाया गया है। इस भजन में श्रीराम के सबसे बड़े भक्त हनुमान जी की राम भक्ति बताया गया है।


Koi Lakh Kare Chaturai Bhajan Lyrics

कोई लाख करे चतुरायी,
करम का लेख मिटे ना रे भाई,
जरा समझो इसकी सच्चाई रे,
करम का लेख मिटे ना रे भाई।।

इस दुनिया में,
भाग्य के आगे,
चले ना किसी का उपाय,
कागद हो तो,
सब कोई बांचे,
करम ना बांचा जाए,
इस दिन इसी,
किस्मत के कारण,
वन को गए थे रघुराई रे,
करम का लेख मिटे ना रे भाई।।

काहे मनवा धीरज खोता,
काहे तू नाहक रोए,
अपना सोचा कभी ना होता,
भाग्य करे तो होए,
चाहे हो राजा चाहे भिखारी,
ठोकर सभी ने यहा खायी रे,
करम का लेख मिटे ना रे भाई।।

कोई लाख करे चतुरायी,
करम का लेख मिटे ना रे भाई,
जरा समझो इसकी सच्चाई रे,
करम का लेख मिटे ना रे भाई।।

Koi Lakh Kare Chaturai Bhajan Lyrics

हमें उम्मीद है की श्री राम के भक्त हनुमान जी ये भजन का यह आर्टिकल “कोई लाख करे चतुरायी भजन लिरिक्स | Koi Lakh Kare Chaturai Bhajan Lyrics” + Video + Audio बहुत पसंद आया होगा। “ Koi Lakh Kare Chaturai Bhajan Lyrics ” भजन के बारे में आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये।

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