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नारायण पूछे तुलसी से लिरिक्स | Narayan Puche Tulsi Se Lyrics

Narayan Puche Tulsi Se Lyrics

नारायण पूछे तुलसी से,
दिलवा के बात हो,
नारायण पूछे तुलसी से,
दिलवा के बात हो,
नारायण पूछे तुलसी से।

के तोहरों मात तुलसी,
के तोहरों पिता हो,
कवना नगरिया तुलसी,
कवना नगरिया तुलसी,
भईल बिआह हो।

नारायण पूछे तुलसी से,
दिलवा के बात हो,
नारायण पूछे तुलसी से।

मेघ हमरो पिता त,
धरती महतारी हो,
मथूरा नगरिया में,
भईल बिआह हो।

नारायण पूछे तुलसी से,
दिलवा के बात हो,
नारायण पूछे तुलसी से।

कहाँ तोहरो नईहर तुलसी,
कहाँ तोहरो ससूरा हो,
के तोहरो हवे तुलसी,
कान्ता तोहर हो।

नारायण पूछे तुलसी से,
दिलवा के बात हो,
नारायण पूछे तुलसी से।

गोकुल में नईहर हमरो,
मथुरा में सासूर,
कदम के गछीया चढी,
बंसी बजाज हो।

उहे त हवे नारायण,
कान्ता हमार हो।

नारायण पूछे तुलसी से,
दिलवा के बात हो,
नारायण पूछे तुलसी से।

नारायण पूछे तुलसी से,
दिलवा के बात हो,
नारायण पूछे तुलसी से,
दिलवा के बात हो,
नारायण पूछे तुलसी से।

के तोहरों मात तुलसी,
के तोहरों पिता हो,
कवना नगरिया तुलसी,
कवना नगरिया तुलसी,
भईल बिआह हो।

नारायण पूछे तुलसी से,
दिलवा के बात हो,
नारायण पूछे तुलसी से।

मेघ हमरो पिता त,
धरती महतारी हो,
मथूरा नगरिया में,
भईल बिआह हो।

नारायण पूछे तुलसी से,
दिलवा के बात हो,
नारायण पूछे तुलसी से।

कहाँ तोहरो नईहर तुलसी,
कहाँ तोहरो ससूरा हो,
के तोहरो हवे तुलसी,
कान्ता तोहर हो।

नारायण पूछे तुलसी से,
दिलवा के बात हो,
नारायण पूछे तुलसी से।

गोकुल में नईहर हमरो,
मथुरा में सासूर,
कदम के गछीया चढी,
बंसी बजाज हो।

उहे त हवे नारायण,
कान्ता हमार हो।

नारायण पूछे तुलसी से,
दिलवा के बात हो,
नारायण पूछे तुलसी से।

Narayan Puche Tulsi Se Lyrics

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