लक्ष्मी नरसिम्हा पंचरत्नमा स्तोत्र लिरिक्स | Lakshmi Narasimha Pancharatnam Stotra Lyrics

यह अद्बुध नृसिंह भजन “लक्ष्मी नरसिम्हा पंचरत्नमा स्तोत्र लिरिक्स | Lakshmi Narasimha Pancharatnam Stotra Lyrics” बॉम्बे सिस्टर्स का गाया हुआ है। इस भजन में हरी भक्त भगवान विष्णु के एक बार दर्शन की अभिलाषा व्यक्त कर रहे है।


Lakshmi Narasimha Pancharatnam Stotra Lyrics

त्वत्प्रभुजीवप्रियमिच्छसि चेन्नरहरिपूजां कुरु सततं
प्रतिबिम्बालङ्कृतिधृतिकुशलो बिम्बालङ्कृतिमातनुते ।
चेतोभृङ्ग भ्रमसि वृथा भवमरुभूमौ विरसायां
भज भज लक्ष्मीनरसिंहानघपदसरसिजमकरन्दम् ॥ १ ॥

शुक्तौ रजतप्रतिभा जाता कटकाद्यर्थसमर्था चे-
द्दुःखमयी ते संसृतिरेषा निर्वृतिदाने निपुणा स्यात् ।
चेतोभृङ्ग भ्रमसि वृथा भवमरुभूमौ विरसायां
भज भज लक्ष्मीनरसिंहानघपदसरसिजमकरन्दम् ॥ २ ॥

आकृतिसाम्याच्छाल्मलिकुसुमे स्थलनलिनत्वभ्रममकरोः
गन्धरसाविह किमु विद्येते विफलं भ्राम्यसि भृशविरसेस्मिन् ।
चेतोभृङ्ग भ्रमसि वृथा भवमरुभूमौ विरसायां
भज भज लक्ष्मीनरसिंहानघपदसरसिजमकरन्दम् ॥ ३ ॥

स्रक्चन्दनवनितादीन्विषयान्सुखदान्मत्वा तत्र विहरसे
गन्धफलीसदृशा ननु तेमी भोगानन्तरदुःखकृतः स्युः ।
चेतोभृङ्ग भ्रमसि वृथा भवमरुभूमौ विरसायां
भज भज लक्ष्मीनरसिंहानघपदसरसिजमकरन्दम् ॥ ४ ॥

तव हितमेकं वचनं वक्ष्ये शृणु सुखकामो यदि सततं
स्वप्ने दृष्टं सकलं हि मृषा जाग्रति च स्मर तद्वदिति।
चेतोभृङ्ग भ्रमसि वृथा भवमरुभूमौ विरसायां
भज भज लक्ष्मीनरसिंहानघपदसरसिजमकरन्दम् ॥ ५ ॥

इति श्री लक्ष्मीनृसिंह पञ्चरत्नम् पूर्ण ||

Lakshmi Narasimha Pancharatnam Stotra Lyrics

हमें उम्मीद है की भगवान विष्णु के भक्तो को यह आर्टिकल “लक्ष्मी नरसिम्हा पंचरत्नमा स्तोत्र लिरिक्स | Lakshmi Narasimha Pancharatnam Stotra Lyrics” + Video + Audio बहुत पसंद आया होगा। “Lakshmi Narasimha Pancharatnam Stotra Lyrics” भजन के बारे में आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये। आप अपनी फरमाइश भी हमे कमेंट करके बता सकते है। हम वो भजन, आरती आदि जल्द से जल्द लाने को कोशिश करेंगे।

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