हमें निज धर्म पर चलना सिखाती रोज़ रामायण लिरिक्स | Hame Nij Dharm Par Chalna Sikhati Roj Ramayan Lyrics

भजन “हमें निज धर्म पर चलना सिखाती रोज़ रामायण लिरिक्स | Hame Nij Dharm Par Chalna Sikhati Roj Ramayan Lyrics” देवेश चतुर्वेदी जी का गाया हुआ भजन है। आरती के लिरिक्स हिंदी और इंग्लिश में वीडियो के साथ दिए हुए है।


Hame Nij Dharm Par Chalna Sikhati Roj Ramayan Lyrics

हमें निज धर्म पर चलना,
सिखाती रोज़ रामायण,
सदा शुभ आचरण करना,
सिखाती रोज़ रामायण॥

जिन्हे संसार सागर से,
उतर कर पार जाना है,
उन्हे सुख के किनारे पर,
लगाती रोज़ रामायण,
सदा शुभ आचरण करना,
सिखाती रोज़ रामायण॥

कही छवि विष्णु की बाँकी,
कही शंकर की है झांकी,
हृदय आनँद झूले पर,
झुलाती रोज़ रामायण,
सदा शुभ आचरण करना,
सिखाती रोज़ रामायण॥

कभी वेदों के सागर मे,
कभी गीता की गँगा मे,
कभी रस बिंदु के जल मे,
डुबाति रोज़ रामायण,
सदा शुभ आचरण करना,
सिखाती रोज़ रामायण॥

सरल कविता के कुंजो में,
बना मंदिर है हिन्दी का,
जहां प्रभु प्रेम का दर्शन,
कराती रोज रामायण,
सदा शुभ आचरण करना,
सिखाती रोज़ रामायण॥

हमें निज धर्म पर चलना,
सिखाती रोज़ रामायण,
सदा शुभ आचरण करना,
सिखाती रोज़ रामायण॥

Hame Nij Dharm Par Chalna Sikhati Roj Ramayan Lyrics

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