Murli Wale Ne Gher Layi | मुरली वाले ने घेर लयी

मेरे श्याम निराले का और उनकी सखी राधा का यह अद्बुध भजन “Murli Wale Ne Gher Layi | मुरली वाले ने घेर लयी” तृप्ति साख्या का गाया हुआ है। इस भजन में श्री कृष्ण का राधे के प्रति प्रेम के किये गए कुछ हास्यप्रद कार्यो को भाव के साथ बताया गया है।


मुरली वाले ने घेर लयी लिरिक्स

मुरली वाले ने घेर लयी
अकेली पनिया गयी ॥

मै तो गयी थी यमुना तट पे
कहना खड़ा था री पनघट पे
बड़ी मुझ को रे देर भई,
अकेली पनिया गयी ॥

श्याम ने मेरी चुनरी झटकी
सर से मेरे घिर गयी मटकी
बईया मेरी मरोड़ गयी
अकेली पनिया गयी ॥

बड़ा नटखट है श्याम सवारिया
दे दारी मेरी कोरी चुनरिया
मेरी गगरिया फोड़ दी
अकेली पनिया गयी ॥

लाख कही पर एक ना मानी
भरने ना दे वो मोहे पानी
मारे लाज के मै मर गयी
अकेली पनिया गयी ॥

Murli Wale Ne Gher Layi | मुरली वाले ने घेर लयी

Murli Wale Ne Gher Layi Lyrics

Murli Wale Ne Gher Layi
Akeli Paniya Gayi ॥

Mai to Gayi Thi Yamuna Tat Pe
Kahna Khada Tha Ri Panghat Pe
Badi Mujh Ko Re Der Bhi,
Akeli Paniya Gayi ॥

Shyam Ne Meri Chunri Jhatki
Sar Se Mere Ghir Gayi Matki
Baiya Meri Marod Gayi
Akeli Paniya Gayi ॥

Bada Natkhat Hai Shyam Sawariya
De Dari Meri Kori Chunariya
Meri Gagariya Phod Di
Akeli Paniya Gayi ॥

Lakh Kahi Par Ek Na Mani
Bharne Na De Vo Mohe Pani
Mare Laaj Ke Mai Mar Gayi
Akeli Paniya Gayi ॥


हमें उम्मीद है की श्री कृष्णके भक्तो को यह आर्टिकल Murli Wale Ne Gher Layi | मुरली वाले ने घेर लयी Lyrics + Video +Audio बहुत पसंद आया होगा। आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये।

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