माटी कहे कुम्हार से तू क्या रोंदे मोहे लिरिक्स | Maati Kahe Kumhaar Se Tu Kya Ronde Mohe Lyrics

भजन माटी कहे कुम्हार से तू क्या रोंदे मोहे लिरिक्स | Maati Kahe Kumhaar Se Tu Kya Ronde Mohe Lyrics” – कबीर के द्वारा गाया गया है। इस भजन में भक्ति की महिमा का बखान किया गया है।

माटी कहे कुम्हार से तू क्या रोंदे मोहे लिरिक्स

माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रोंदे मोहे,
एक दिन ऐसा आएगा, मैं रोंदूगी तोहे ।

आये हैं तो जायेंगे, राजा रंक फ़कीर,
एक सिंघासन चडी चले, एक बंदे जंजीर ।

दुर्बल को ना सतायिये, जाकी मोटी हाय,
बिना जीब के स्वास से लोह भसम हो जाए ।

चलती चक्की देख के दिया कबीर रोये,
दो पाटन के बीच में बाकी बचा ना कोई ।

दुःख में सुमिरन सब करे, सुख में करे ना कोई,
जो सुख में सुनिरण करे, दुःख कहे को होए ।

पत्ता टूटा डाल से ले गयी पवन उडाय,
अबके बिछड़े कब मिलेंगे दूर पड़ेंगे जाय ।

कबीर आप ठागायिये और ना ठगिये,
आप ठगे सुख उपजे, और ठगे दुःख होए ।

Maati Kahe Kumhaar Se Tu Kya Ronde Mohe Lyrics

Maati Kahe Kumhaar Se Tu Kya Ronde Mohe Lyrics

Mati Kahe Kumhaar Se
Tu Kya Ronde Mohe
Ek Din Aisa Aayega
Me Rondungi Tohe

Aaye Hai To Jayenge
Raja Rank Fakeer
Ek Singhasan Chadi Chale
Ek Bandhe Janjeer

Durbal Ko Naa Sataiye
Jaki Maati Hoye
Bina Jeebh Ke Swas Le
Loha Bhasm Ho Jaye

Chalti Chakki Dekh Ke
Diya Kabira Roye
Doo Paatan Ke Bich Me
Baaki Bacha Naa Koye

Dukh Me Sumiran Sab Kare
Sukh Me Kare Naa Koi
Jo Sukh Me Sumiran Kare
Dukh Kahe Ko Hoyye

Patta Toota Daal Se
Le Gayi Pawan Udaay
Abake Bichade Kab Milenge
Dur Padenge Jaaye

Kabir Aap Thagayiye
Aur Naa Thagayiye
Aap Thage Sukh Upaje
Aur Thage Dukh Hoye


हमें उम्मीद है की भक्तो को यह आर्टिकल कबीर द्वारा रचित “माटी कहे कुम्हार से तू क्या रोंदे मोहे लिरिक्स | Maati Kahe Kumhaar Se Tu Kya Ronde Mohe Lyrics” + Video +Audio बहुत पसंद आया होगा। “Maati Kahe Kumhaar Se Tu Kya Ronde Mohe Lyrics” भजन के बारे में आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये।

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