कैसे मैं शिव को मनाऊ हो शिव मानत नाही भजन लिरिक्स | Kese Me Shiv Ko Manau Shiv Manat Naahi Lyrics

भगवान शिव का भजन “कैसे मैं शिव को मनाऊ हो शिव मानत नाही भजन लिरिक्स | Kese Me Shiv Ko Manau Shiv Manat Naahi Lyrics” भोले के भक्त के द्वारा गाया हुआ है। भजन के लिरिक्स हिंदी और इंग्लिश में वीडियो के साथ दिए हुए है।


Kese Me Shiv Ko Manau Shiv Manat Naahi Lyrics

कैसे मैं शिव को मनाऊ हो,
शिव मानत नाही,
कैसे भोले को मैं मनाऊ हो,
भोले मानत नाही।।

लाडू और पेड़ा वाके,
मनहु ना भावे,
भांग धतूरा कहाँ पाऊ हो,
शिव मानत नाही।।

हल्दी और कंकु वाके,
मनहु ना भावे,
मुर्दे की भस्मी कहा पाउ हो,
शिव मानत नाही।।

ताल तलैया वाके,
मनहु ना भावे,
गंगा की धार कहा पाऊ हो,
शिव मानत नाही।।

मोर मुकुट वाके,
मनहु ना भावे,
शीश पे चन्दा कहा पाऊ हो,
शिव मानत नाही।।

तलवार भाला वाके,
मनहु ना भावे,
घर में त्रिशूल कहा पाऊ हो,
शिव मानत नाही।।

महल अटारी वाके,
मनहु ना भावे,
टूटी झोपड़िया कहा पाऊ हो,
शिव मानत नाही।।

ताल तलैया वाके,
मनहु ना भावे,
गंगा की धार कहा पाऊ हो,
शिव मानत नाही।।

कैसे मैं शिव को मनाऊ हो,
शिव मानत नाही,
कैसे भोले को मैं मनाऊ हो,
भोले मानत नाही।।

Kese Me Shiv Ko Manau Shiv Manat Naahi Lyrics


हमें उम्मीद है की भगवान शिव के भक्तो को यह आर्टिकल “कैसे मैं शिव को मनाऊ हो शिव मानत नाही भजन लिरिक्स | Kese Me Shiv Ko Manau Shiv Manat Naahi Lyrics” + Video +Audio बहुत पसंद आया होगा। “ Kese Me Shiv Ko Manau Shiv Manat Naahi Lyrics ” भजन के आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये।

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