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जिस पे तू रंग अपना चढ़ा दे लिरिक्स | Jispe Tu Rang Apna Chda De Lyrics

कृष्ण भगवान का यह अद्बुध भजन “जिस पे तू रंग अपना चढ़ा दे लिरिक्स | Jispe Tu Rang Apna Chda De Lyrics” विमल दीक्षित जी का गाया हुआ है। इस भजन में बनवारी से प्रार्थना की गयी है की हमे अपनी शरण में लेलो और हमे कृतघ्न करदो।


Jispe Tu Rang Apna Chda De Lyrics

उस पर रंग फिर दूसरा ना चढ़ता,
जिस पे तू रंग अपना चढ़ा दे,
जिसको सर पे है तूने चढ़ाया,
किस की ओकात उसको गिरा दे,
उस पर रंग फिर दूसरा ना चढ़ता,
जिस पे तू रंग अपना चढ़ा दे।

कर ले तूफान कितनी भी कोशिश,
रास्ता रोक सकता नहीं है,
धोखा देकर दुश्मन ने ख़ंजर,
पीठ पर भौंक सकता नहीं है,
मौत की भी नहीं इतनी हिम्मत,
वक़्त से पहले उसको मिटा दे।

रंग खुशियों के सारे वहाँ पर,
साँवरा है हमारा जहाँ पर,
प्रेम की बगिया महकेगी हरपल,
मेरा प्रीतम है बैठा जहाँ पर,
इसके आँचल में जो तू रौशन,
नहीं जरूरत हवा में बुझा दे।

छल कपट से वो रखता है दूरी,
प्रेम की भाषा ये जानता है,
प्रेम करता ये जिन प्रेमियों से,
उन सभी को ये पहचानता है,
उसको कर दे दीवाना साँवरिया,
एक झलक सांवरी जो दिखा दे।

प्यारे मैं जानता हूँ ये बेहतर,
जब छलकती तेरी प्रेम पायल,
प्रीत में तेरी होकर के घायल,
झूमता नाचता है ये पागल,
डर निकल जाता है दिल से सारा,
बेधड़क श्याम जिनको बना दे।

Jispe Tu Rang Apna Chda De Lyrics

हमें उम्मीद है की श्री कृष्ण के भक्तो को यह आर्टिकल “जिस पे तू रंग अपना चढ़ा दे लिरिक्स | Jispe Tu Rang Apna Chda De Lyrics” + Video +Audio बहुत पसंद आया होगा। “Jispe Tu Rang Apna Chda De Lyrics” भजन के बारे में आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये।

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