एक राधा एक मीरा दोनों ने श्याम को चाहा | Ek Radha Ek Meera Lyrics In Hindi

कृष्ण भगवान का यह अद्बुध भजन “एक राधा एक मीरा दोनों ने श्याम को चाहा | Ek Radha Ek Meera Lyrics In Hindi” लता मंगेशकर जी का गाया हुआ है। यह भजन में कृष्णप्रेमी मीरा अपने प्रेमी श्री कृष्ण के प्रेम के कैसे बावरी बावरी बनकर उनकी भक्ति करती है। मीरा ने अपने हृदय से श्री कृष्ण को अपना सबकुछ स्वीकार कर लिया था इसलिए वे उनके प्रेम में पुरे जीवन भर समाज, परिवार सभी का सामना किया और कई साडी कठिनाइयाँ झेली परन्तु अपनी भक्ति को नहीं छोड़ा।

Ek Radha Ek Meera Lyrics In Hindi

एक राधा एक मीरा दोनों ने श्याम को चाहा
अन्तर क्या दोनों की चाह में बोलो
एक प्रेम दीवानी एक दरस दीवानी

राधा ने मधुबन में ढूँढा मीरा ने मन में पाया
राधा जिसे खो बैठी वो गोविन्द मीरा हाथ बिकआया
एक मुरली,एक पायल,एक पगली, एक घायल
अन्तर क्या दोनों की प्रीत में बोलो
एक सूरत लुभानी, एक मूरत लुभानी
एक प्रेम दीवानी एक दरस दीवानी

मीरा के प्रभु गिरिधर नागर राधा के मनमोहन
राधा नित श्रृंगार करे और मीरा बन गयी जोगन
एक रानी एक दासी दोनों हरि प्रेम की प्यासी
अन्तर क्या दोनों की तृप्ति में बोलो
एक जीत न मानी एक हार न मानी
एक राधा एक मीरा दोनों ने श्याम को चाहा
अन्तर क्या दोनों की चाह में बोलो
एक प्रेम दीवानी एक दरस दीवानी

Ek Radha Ek Meera Lyrics In Hindi

हमें उम्मीद है की श्री कृष्ण के भक्तो को यह आर्टिकल “एक राधा एक मीरा दोनों ने श्याम को चाहा | Ek Radha Ek Meera Lyrics In Hindi” + Video + Audio बहुत पसंद आया होगा। आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये। आप अपनी फरमाइश भी हमे कमेंट करके बता सकते है। हम वो भजन, आरती आदि जल्द से जल्द लाने को कोशिश करेंगे।

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