क्यों आ के रो रहा है गोविन्द की गली में भजन लिरिक्स | Kyun Aake Ro Raha Hai Govind Ki Gali Mein Lyrics

कृष्ण भगवान का यह अद्बुध भजन “क्यों आ के रो रहा है गोविन्द की गली में भजन लिरिक्स | Kyun Aake Ro Raha Hai Govind Ki Gali Mein Lyrics” विनोद अग्रवाल जी के द्वारा गाया हुआ है। भजन के लिरिक्स हिंदी और इंग्लिश में वीडियो के साथ दिए हुए है।


Kyun Aake Ro Raha Hai Govind Ki Gali Mein Lyrics

क्यों आ के रो रहा है,
गोविन्द की गली में,
हर दर्द की दवा है,
गोविन्द की गली में।।

तू खुल के उनसे कह दे,
जो दिल में चल में चल रहा है,
वो जिंदगी के ताने,
बाने जो बुन रहा है,
हर सुबह खुशनुमा है,
गोविन्द की गली में।।

तुझे इंतज़ार क्यों है,
इस रात की सुबह का,
मंजिल पे गर निगाहें,
दिन रात क्या डगर क्या,
हर रात रंगनुमा है,
गोविन्द की गली में।।

कोई रो के उनसे कह दे,
कोई ऊँचे बोल बोले,
सुनता है वो उसी की,
बोली जो उनकी बोले,
हवाएं अदब से बहती,
गोविन्द की गली में।।

दो घुट जाम के हैं,
हरी नाम के तू पी ले,
फिकरे हयात क्यों है,
जैसा है वो चाहे जी ले,
साकी है मयकदा है,
गोविन्द की गली में।।

इस और तू खड़ा है,
लहरों से कैसा डरना,
मर मर के जी रहा है,
पगले यह कैसा जीना,
कश्ती है ना खुदा है,
गोविन्द की गली में।।

क्यों आ के रो रहा है,
गोविन्द की गली में,
हर दर्द की दवा है,
गोविन्द की गली में।।

Kyun Aake Ro Raha Hai Govind Ki Gali Mein Lyrics

हमें उम्मीद है की श्री कृष्ण के भक्तो को यह आर्टिकल “क्यों आ के रो रहा है गोविन्द की गली में भजन लिरिक्स | Kyun Aake Ro Raha Hai Govind Ki Gali Mein Lyrics” + Video +Audio बहुत पसंद आया होगा। “Kyun Aake Ro Raha Hai Govind Ki Gali Mein Lyrics” भजन के आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये।

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