घनश्याम तेरी बंसी पागल कर जाती है भजन लिरिक्स | Ghanshyam Teri Bansi Pagal Kar Jaati Hai Lyrics

कृष्ण भगवान का यह अद्बुध भजन “घनश्याम तेरी बंसी पागल कर जाती है भजन लिरिक्स | Ghanshyam Teri Bansi Pagal Kar Jaati Hai Lyrics” प्रेम मेहरा जी के द्वारा गाया हुआ है। भजन के लिरिक्स हिंदी और इंग्लिश में वीडियो के साथ दिए हुए है।


Ghanshyam Teri Bansi Pagal Kar Jaati Hai Lyrics

घनश्याम तेरी बंसी,
पागल कर जाती है,
मुस्कान तेरी मोहन,
घायल कर जाती है।।

सोने की होती तो,
क्या करते तुम मोहन,
ये बांस की होकर भी,
दुनिया को नचाती है।।

तुम गोरे होते तो,
क्या कर जाते मोहन,
जब काले रंग पर ही,
दुनिया मर जाती है।।

दुख दर्दों को सहना,
बंसी ने सिखाया है,
इसके छेद है सीने मे,
फ़िर भी मुस्काती है।।

कभी रास रचाते हो,
कभी बंसी बजाते हो,
कभी माखन खाने की,
मन में आ जाती है।।

घनश्याम तेरी बंसी,
पागल कर जाती है,
मुस्कान तेरी मोहन,
घायल कर जाती है।।

Ghanshyam Teri Bansi Pagal Kar Jaati Hai Lyrics

हमें उम्मीद है की श्री कृष्ण के भक्तो को यह आर्टिकल “घनश्याम तेरी बंसी पागल कर जाती है भजन लिरिक्स | Ghanshyam Teri Bansi Pagal Kar Jaati Hai Lyrics” + Video +Audio बहुत पसंद आया होगा। “Ghanshyam Teri Bansi Pagal Kar Jaati Hai Lyrics” भजन के आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये।

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