Annapurna Mata Ki Aarti lyrics

देवी अन्नपूर्णा की आरती “Annapurna Mata Ki Aarti lyrics” सुनीता वर्मा के द्वारा गायी हुई है। अन्न की देवी माँ अन्नपूर्णा की आरती करने और उनकी भक्ति करने से अन्नपूर्णा देवी प्रसन्न होती है।

Annapurna Mata Ki Aarti lyrics

Annapurna Mata Ki Aarti lyrics

देवी अन्नपूर्णा जी की आरती
बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम ।
जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके, कहां उसे विश्राम।
अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो, लेत होत सब काम॥
बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम ।

प्रलय युगान्तर और जन्मान्तर, कालान्तर तक नाम।
सुर सुरों की रचना करती, कहाँ कृष्ण कहाँ राम॥
बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम ।

चूमहि चरण चतुर चतुरानन, चारु चक्रधर श्याम।
चंद्रचूड़ चन्द्रानन चाकर, शोभा लखहि ललाम॥
बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम ।

देवि देव! दयनीय दशा में दया-दया तब नाम।
त्राहि-त्राहि शरणागत वत्सल शरण रूप तब धाम॥
बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम ।

श्रीं, ह्रीं श्रद्धा श्री ऐ विद्या श्री क्लीं कमला काम।
कांति, भ्रांतिमयी, कांति शांतिमयी, वर दे तू निष्काम॥
बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम ।

माता अन्नपूर्णा की जय

Annapurna Mata Ki Aarti lyrics

हमें उम्मीद है की माँ अन्नपूर्णा के भक्तो को यह आर्टिकल “Kali Mata Ki Aarti: Mangal Ki Seva Sun Meri Deva Aarti” + Video + Audio बहुत पसंद आया होगा। आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये। आप अपनी फरमाइश भी हमे कमेंट करके बता सकते है। हम वो भजन, आरती आदि जल्द से जल्द लाने को कोशिश करेंगे।

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