जल भरन जानकी आई हो भजन लिरिक्स | Jal Bharan Janki Aai Ho Bhajan Lyrics

मर्यादा पुरषोत्तम श्री राम का अति पावन भजन “जल भरन जानकी आई हो भजन लिरिक्स | Jal Bharan Janki Aai Ho Bhajan Lyrics” – राकेश तिवारी जी के द्वारा गाया गया है। इस भजन में राम भक्ति की महिमा का बखान किया गया है।


Jal Bharan Janki Aai Ho Bhajan Lyrics

जल भरन जानकी आई हो,
मोरी केवल माँ।।

काहे की गगरी काहे की कुंजरी,
काहे की लेर लगाई हो,
मोरी केवल माँ,
जल भरन जानकी आई हो,
मोरी केवल माँ।।

सोने की गगरी रूपा की कुंजरी,
रेशम की लेर लगाई हो,
मोरी केवल माँ,
जल भरन जानकी आई हों,
मोरी केवल माँ।।

कौना की बहुआ कौना की बेटी,
कौना की नार कहाई हो,
मोरी केवल माँ,
जल भरन जानकी आई हों,
मोरी केवल माँ।।

दशरथ बहुआ जनक की बेटी,
राम की नार कहाई हो,
मोरी केवल माँ,
जल भरन जानकी आई हों,
मोरी केवल माँ।।

पांच भगत माई तोरे जस गावे,
रहे चरण चित लाई हो,
मोरी केवल माँ,
जल भरन जानकी आई हों,
मोरी केवल माँ।।

जल भरन जानकी आई हो,
मोरी केवल माँ।।

Jal Bharan Janki Aai Ho Bhajan Lyrics

हमें उम्मीद है की श्री राम के भक्तो को यह आर्टिकल “जल भरन जानकी आई हो भजन लिरिक्स | Jal Bharan Janki Aai Ho Bhajan Lyrics” + Video +Audio बहुत पसंद आया होगा। ‘ Jal Bharan Janki Aai Ho Bhajan Lyrics ‘ भजन के बारे में आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये।

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