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हे मेरे शंकरा लिरिक्स | Hey Mere Shankra Lyrics

तेरी जटा से बहती रहते है गंगा की धरा शंकरा हे मेरे शंकरा
तेरी जटा से बहती रहते है गंगा की धरा शंकरा हे मेरे शंकरा

खाने को है कंद मूल पीने को भंग है
उड़ते रहते है बार बार बारी के तरंग है
कानो में कुण्डल सुन्दर सोहे, गले नाग की माला शंकरा हे मेरे शंकरा
तेरी जटा से बहती रहते है गंगा की धरा शंकरा हे मेरे शंकरा

हाथो में त्रिशूल सोहे मस्तक पर चंद्र है
पहने है मृग छाला भोले नील कंठ रंग है
गौरी संग में साथ गणपति, रहते है कैलाशा शंकरा हे मेरे शंकरा
तेरी जटा से बहती रहते है गंगा की धरा शंकरा हे मेरे शंकरा

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