छुपे बैठे हो कण कण मे भला मे कैसे पहचानु लिरिक्स | Chupe Bethe Ho Kan Kan Me Lyrics

कृष्ण भगवान का यह अद्बुध भजन “छुपे बैठे हो कण कण मे भला मे कैसे पहचानु लिरिक्स | Chupe Bethe Ho Kan Kan Me Lyrics” विनोद अग्रवाल जी के द्वारा गाया हुआ है। भजन के लिरिक्स हिंदी और इंग्लिश में वीडियो के साथ दिए हुए है।


Chupe Bethe Ho Kan Kan Me Lyrics

छुपे बैठे हो कण कण मे,
भला मैं कैसे पहचानु,
दुई का दूर कर पर्दा,
सामने आओ तो जानु।।

छुपे माया के पर्दे मे,
क्या मुझसे शर्म आती है,
ये घुंघट दर्मिया पर्दा,
हटा दोगे तो मैं जानु,
दुई का दूर कर पर्दा,
सामने आओ तो जानु।।

सुना है चाहने वालों से,
हसीनों से हसीं हो तुम,
तो चेहरे से जरा चिल्मन,
हटा दोगे तो मैं जानु,
दुई का दूर कर पर्दा,
सामने आओ तो जानु।।

ये सुरज चांद से ज्यादा,
अजब जो नूर हे तेरा,
मेरे दिल में वही ज्योति,
जगा दो तो मैं जानु,
दुई का दूर कर पर्दा,
सामने आओ तो जानु।।

अंधेरी रात कत्ति दूर,
नैय्या भी भंवर मे है,
मेरी नैया किनारे से,
लगा दोगे तो मैं जानु,
दुई का दूर कर पर्दा,
सामने आओ तो जानु।।

छुपे बैठे हो कण कण मे,
भला मैं कैसे पहचानु,
दुई का दूर कर पर्दा,
सामने आओ तो जानु।।

Chupe Bethe Ho Kan Kan Me Lyrics

हमें उम्मीद है की श्री कृष्ण के भक्तो को यह आर्टिकल “छुपे बैठे हो कण कण मे भला मे कैसे पहचानु लिरिक्स | Chupe Bethe Ho Kan Kan Me Lyrics” + Video +Audio बहुत पसंद आया होगा। “Chupe Bethe Ho Kan Kan Me Lyrics” भजन के आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये।

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