आज बृज में होली रे रसिया लिरिक्स | Aaj Biraj Me Holi Re Rasiya Lyrics

कृष्ण भगवान का यह अद्बुध भजन “आज बृज में होली रे रसिया लिरिक्स | Aaj Biraj Me Holi Re Rasiya Lyrics” Banwari Maharaj का गाया हुआ है। इस भजन में बताया गया है की भक्तो को श्याम की सभी बाते कितनी प्यारी लगती है। 


Aaj Biraj Me Holi Re Rasiya Lyrics

आज बृज में होली रे रसिया।
होरी रे रसिया, बरजोरी रे रसिया॥

अपने अपने घर से निकसी,
कोई श्यामल कोई गोरी रे रसिया।

कौन गावं केकुंवर कन्हिया,
कौन गावं राधा गोरी रे रसिया।

नन्द गावं के कुंवर कन्हिया,
बरसाने की राधा गोरी रे रसिया।

कौन वरण के कुंवर कन्हिया,
कौन वरण राधा गोरी रे रसिया।

श्याम वरण के कुंवर कन्हिया प्यारे,
गौर वरण राधा गोरी रे रसिया।

इत ते आए कुंवर कन्हिया,
उत ते राधा गोरी रे रसिया।

कौन के हाथ कनक पिचकारी,
कौन के हाथ कमोरी रे रसिया।

कृष्ण के हाथ कनक पिचकारी,
राधा के हाथ कमोरी रे रसिया।

उडत गुलाल लाल भए बादल,
मारत भर भर झोरी रे रसिया।

अबीर गुलाल के बादल छाए,
धूम मचाई रे सब मिल सखिया।

चन्द्र सखी भज बाल कृष्ण छवि,
चिर जीवो यह जोड़ी रे रसिया।

Aaj Biraj Me Holi Re Rasiya Lyrics

हमें उम्मीद है की श्री कृष्ण के भक्तो को यह आर्टिकल “आज बृज में होली रे रसिया लिरिक्स | Aaj Biraj Me Holi Re Rasiya Lyrics” + Video +Audio बहुत पसंद आया होगा। “Aaj Biraj Me Holi Re Rasiya” भजन के बारे में आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये।

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