श्री गौरी नन्दन की आरती लिरिक्स | Shri Gauri Nandan Aarti Lyrics

भगवान गणेश को प्रसन्न करने वाली और भक्तो के कष्टों का निदान करने वाली “श्री गौरी नन्दन की आरती लिरिक्स | Shri Gauri Nandan Aarti Lyrics” है। इस आरती में गणेश जी का अपने कारज में आमंत्रित किया जा रहा और उन्हें प्रसन्न किया जा रहा है।

Shri Gauri Nandan Aarti Lyrics

श्री गौरी नन्दन की आरती लिरिक्स

ॐ जय गौरी नंदन, प्रभु जय गौरी नंदन
गणपति विघ्न निकंदन, मंगल निःस्पंदन || ॐ जय ||

ऋद्धि सिद्धियाँ जिनके, नित ही चंवर करे
करिवर मुख सुखकारक, गणपति विघ्न हरे || ॐ जय ||

देवगणों में पहले तव पूजा होती
तब मुख छवि भक्तो के निदारिद खोती || ॐ जय ||

गुड़ का भोग लगत हैं कर मोदक सोहे
ऋद्धि सिद्धि सह-शोभित, त्रिभुवन मन मोहै || ॐ जय ||

लंबोदर भय हारी, भक्तो के त्राता
मातृ-भक्त हो तुम्ही, वाँछित फल दाता || ॐ जय ||

मूषक वाहन राजत, कनक छत्रधारी
विघ्नारण्यदवानल, शुभ मंगलकारी || ॐ जय ||

धरणीधर कृत आरती गणपति की गावे
सुख संपत्ति युक्त होकर वह वांछित पावे || ॐ जय ||

Shri Gauri Nandan Aarti Lyrics

Shri Gauri Nandan Aarti Lyrics in English

Om Jai Gauri Nandan, Prabhu Jai Gauri Nandan
Ganapati Vighna Nikandan, Mangal Nispandan || Om Jai ||

Ridhi Sidhiya Jinke, Nit Hi Chanwar Kare
Karivar Mukh Sukhkaarak, Ganapati Vighan Hae || Om Jai ||

Devganno Me Pehle Tav Pooja Hoti
Tab Mukh Chavi Bhakto Ke Nidaarid Khoti || Om Jai ||

Gud Ka Bhog Lagat Hain Akr Modak Sohe
Ridhi Sidhi Seh Shobhit, Tribhuvan Man Mohe || Om Jai ||

Lambodar Bhay Haari, Bhakto Ke Trata
Matra- Bhakt Ho Tumhi, Vaanchit Phal Daata || Om Jai ||

Mushak Vaahan Raajat, Kanak Chatradhaari
Vighnaaranyadavaanal, Subh Mangalkaari || Om Jai ||

Dharnidhar Krit Aarti Ganpati Ki Gaave
Sukh Sanpati Yukt Hokar Wah Vaanchit Paave || Om Jai ||


हमें उम्मीद है की गणेश जी के भक्तो को यह आर्टिकल “श्री गौरी नन्दन की आरती लिरिक्स | Shri Gauri Nandan Aarti Lyrics” + Video +Audio बहुत पसंद आया होगा। आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये।

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