कभी माखन चुरा लिया कभी पर्वत उठा लिया भजन लिरिक्स | Kabhi Makhan Chura Liya Kabhi Parvat Utha Liya Lyrics

कृष्ण भगवान का यह अद्बुध भजन “कभी माखन चुरा लिया कभी पर्वत उठा लिया भजन लिरिक्स | Kabhi Makhan Chura Liya Kabhi Parvat Utha Liya Lyrics” मनोज मयूर जी के द्वारा गाया हुआ है। भजन के लिरिक्स हिंदी और इंग्लिश में वीडियो के साथ दिए हुए है।


Kabhi Makhan Chura Liya Kabhi Parvat Utha Liya Lyrics

कभी माखन चुरा लिया,
कभी पर्वत उठा लिया,
ओ लल्ला रे,
ये क्या गजब किया,
मेरे कान्हा,
मुझको डरा दिया॥

कभी मुझको शक होता,
तु मेरा लाल नही है,
है कोई अवतारी तु,
ये मेरी बात सही है,
इन्द्र से रक्षा के खतिर,
तुमने पर्वत उठा लिया,
मेरे कान्हा ये बताना,2
ओ लल्ला रे,
ये क्या गजब किया मेरे कान्हा॥

बहाना कोई करके,
तु सबसे रास रचाये,
कभी तु चीर चुराये,
कभी बंसी पे नचाये,
तेरी लीला ना समझी मै,
तु क्या क्या रुप दिखाये,
मेरे कान्हा ये बताना,2
ओ लल्ला रे,
ये क्या गजब किया मेरे कान्हा॥

कन्हैया बोले हँसकर,
माँ तेरा लाल ही हूँ,
आया दुष्टों को मिटाने,
लेके अवतार मे हूँ,
बात जब पवन बताई,
सुन के माँ गले लगाई,
मेरे कान्हा ये बताना,2
ओ लल्ला रे,
ये क्या गजब किया मेरे कान्हा॥

कभी माखन चुरा लिया,
कभी पर्वत उठा लिया,
ओ लल्ला रे,
ये क्या गजब किया,
मेरे कान्हा,
मुझको डरा दिया॥

Kabhi Makhan Chura Liya Kabhi Parvat Utha Liya Lyrics

हमें उम्मीद है की श्री कृष्ण के भक्तो को यह आर्टिकल “कभी माखन चुरा लिया कभी पर्वत उठा लिया भजन लिरिक्स | Kabhi Makhan Chura Liya Kabhi Parvat Utha Liya Lyrics” + Video +Audio बहुत पसंद आया होगा। “Kabhi Makhan Chura Liya Kabhi Parvat Utha Liya Lyrics” भजन के आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये।

सभी प्रकार के भजनो के lyrics + Video + Audio + PDF के लिए AllBhajanLyrics.com पर visit करे।

Leave a Comment