वन में चले रघुराई संग उनके सीता माई भजन लिरिक्स | Van Me Chale Raghurai Bhajan Lyrics

मर्यादा पुरषोत्तम श्री राम का अति पावन भजन “वन में चले रघुराई संग उनके सीता माई भजन लिरिक्स | Van Me Chale Raghurai Bhajan Lyrics” – प्रकाश माली जी के द्वारा गाया गया है। इस भजन में राम भक्ति की महिमा का बखान किया गया है।


Van Me Chale Raghurai Bhajan Lyrics

वन में चले रघुराई,
संग उनके सीता माई,
राजा जनक की जाई,
राजा जनक की जाई।।

आगे आगे राम चले है,
पीछे लक्ष्मण भाई,
जिनके बिच में चले जानकी,
शोभा बरनी न जाई,
वन को चले रघुराई,
संग उनके सीता माई,
राजा जनक की जाई,
राजा जनक की जाई।।

राम बिना मेरी सुनी रे अयोध्या,
लक्ष्मण बिन चतुराई,
सीता बिना सुनी रे रसोई,
कौन करे ठकुराई,
वन को चले रघुराई,
संग उनके सीता माई,
राजा जनक की जाई,
राजा जनक की जाई।।

सावन बरसे भादव गरजे,
पवन चले पुरवाई,
कौन बिरख निचे भीजत होंगे,
राम लखन दो भाई,
वन को चले रघुराई,
संग उनके सीता माई,
राजा जनक की जाई,
राजा जनक की जाई।।

रावण मार राम घर आये,
घर घर बंटती बधाई,
माता कौशल्या करत आरती,
शोभा बरनी न जाई,
वन को चले रघुराई,
संग उनके सीता माई,
राजा जनक की जाई,
राजा जनक की जाई।।

वन में चले रघुराई,
संग उनके सीता माई,
राजा जनक की जाई,
राजा जनक की जाई।।

Van Me Chale Raghurai Bhajan Lyrics

हमें उम्मीद है की श्री राम के भक्तो को यह आर्टिकल “वन में चले रघुराई संग उनके सीता माई भजन लिरिक्स | Van Me Chale Raghurai Bhajan Lyrics” + Video +Audio बहुत पसंद आया होगा। ‘ Van Me Chale Raghurai Bhajan Lyrics ‘ भजन के बारे में आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये।

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