माँ पूरी मेरी आस कर खड़ी मैं कब से लिरिक्स | Maa Puri Meri Aas Kar Khadi Me Kab Se Lyrics

दुर्गा माता का भजन “माँ पूरी मेरी आस कर खड़ी मैं कब से लिरिक्स | Maa Puri Meri Aas Kar Khadi Me Kab Se Lyrics” लखबीर सिंह लक्खा जी के द्वारा गाया हुआ है। दुर्गा माता का भजन, वीडियो और लिरिक्स दिया गया है।


Maa Puri Meri Aas Kar Khadi Me Kab Se Lyrics

बाँधु जिसपे राखी वो कलाई चाहिए,
बहना कहने वाला एक भाई चाहिए माँ,
माँ पूरी मेरी आस कर खड़ी मैं कब से तेरे दर।।

हिरे मोती सोना चांदी मांगू कब माँ,
बंगले की गाडी की भी कोई चाह ना,
सुना सुना लगे जग भाई के बिना,
आँख हो जैसे रोशनाई के बिना,
दीपक हूँ मैं तेल बाती के बगैर,
डाल दो माँ झोली में मुरादो वाली खैर,
सारी दुनिया ना ना खुदाई चाहिए,
बहना कहने वाला एक भाई चाहिए माँ,
माँ पूरी मेरी आस कर खड़ी मैं कब से तेरे दर।।

जब जब राखी का त्यौहार आए माँ,
अँखियों में मेरे आंसू भर आए माँ,
बात नहीं मैया कुछ मेरे बस की,
लाख रोकू रुक नहीं पाती सिसकी,
हर सिसकी ने यही शिकवा किया,
मैया तूने काहे एक भाई ना दिया,
सिसकियों की होनी सुनवाई चाहिए,
बहना कहने वाला एक भाई चाहिए माँ,
माँ पूरी मेरी आस कर खड़ी मैं कब से तेरे दर।।

दुःख सुख बांटे जो सरल स्वभाव हो,
पूरा मेरे मन का हर चाव हो,
देख देख मुखड़ा मैं वारि जाउंगी,
बाधूंगी राखी मैं टिका लगाऊंगी,
होगी जब शादी फूली ना समाऊँगी,
गाउंगी मैं घोड़ियां शगन मनाऊंगी,
गाने को ‘लख्खा’ बस बधाई चाहिए,
बहना कहने वाला एक भाई चाहिए माँ,
माँ पूरी मेरी आस कर खड़ी मैं कब से तेरे दर।।

बाँधु जिसपे राखी वो कलाई चाहिए,
बहना कहने वाला एक भाई चाहिए माँ,
माँ पूरी मेरी आस कर खड़ी मैं कब से तेरे दर।।

Maa Puri Meri Aas Kar Khadi Me Kab Se Lyrics

हमें उम्मीद है की माँ दुर्गा के भक्तो को यह आर्टिकल “माँ पूरी मेरी आस कर खड़ी मैं कब से लिरिक्स | Maa Puri Meri Aas Kar Khadi Me Kab Se Lyrics” + Video + Audio बहुत पसंद आया होगा। “ Maa Puri Meri Aas Kar Khadi Me Kab Se ” पर आपके क्या विचार है वो हमे कमेंट करके अवश्य बताये। आप अपनी फरमाइश भी हमे कमेंट करके बता सकते है। हम वो भजन, आरती आदि जल्द से जल्द लाने को कोशिश करेंगे।

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